By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: Dehradun Mussoorie Ropeway : मसूरी : यादों में पगडंडी और अब रोपवे का रोमांच
Share
Notification Show More
Latest News
शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड
कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
उत्तराखंड
अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > Dehradun Mussoorie Ropeway : मसूरी : यादों में पगडंडी और अब रोपवे का रोमांच
उत्तराखंड

Dehradun Mussoorie Ropeway : मसूरी : यादों में पगडंडी और अब रोपवे का रोमांच

Web Editor
Last updated: 2025/07/30 at 2:38 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Dehradun-Mussoorie Ropeway: 5.5 Km Project to Cut Travel to 20 Mins

Dehradun Mussoorie Ropeway : दून से मसूरी तक बन रहा साढे पांच किमी लंबा रोपवे, 20 मिनट में तय होगा सफर

Dehradun Mussoorie Ropeway :  देहरादून, 30 जुलाई 2025  :  पहाडों की रानी के दिलकश नजारों को निहारने हर साल लाखों सैलानी मसूरी का रुख करते हैंं। 19वीं सदी की शुरुआत में जब एक ब्रिटिश अफसर कैप्टन फ्रेडरिक यंग ने समुद्रतल से 6155 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस शानदार जगह को खोजा था, तब से मसूरी का क्रेज ऐसा ही है।  लेकिन वक्‍त के साथ मसूरी भी बदली है। कभी यहां तक आने वाले रास्‍ते पगडंडियों से होकर गुजरते थे और ये सफर सडक से होते हुए आज रोपवे तक जा पहुंचा है। यदि दून-मसूरी रोपवे परियोजना यूं ही सरपट दौडती रही तो वर्ष 2026 के अंत तक आप रोपवे के जरिये महज 20 मिनट में देहरादून से मसूरी पहुंच जाएंगे। 285 करोड रुपये की इस परियोजना पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है।

आज से करीब 200 साल पहले दून से मसूरी पहुंचाने वाली पगडंडयिों का सफर जितना रोमांचक था, उतना ही रोचक भी। वक्‍त की रफतार देखिए कभी देहरादून से मसूरी पहुंचने के लिए करीब नौ से दस किलोमीटर पैदल चलना पडता था यानी करीब तीन से चार घंटे की यात्रा । फिर सडक का निर्माण हुआ और मसूरी करीब 35 किलोमीटर दूर हो गई और यात्रा का समय सिमट कर रह गया डेढ से दो घंटे। रोपवे बनने के बाद यह दूरी रह जाएगी 5.5 किलोमीटर और समय लगेगा 15 से 20 मिनट।

चलाे अब उन पगडंडियों की सैर भी कर ली जाए, जिनसे होकर 19वीं और 20वीं सदी के मध्‍य तक लोग मसूरी पहुंचते थे। देहरादून में राजपुर नामक स्‍थान से शुरू होने वाला यह रास्‍ता मसूरी में बार्लोगंज तक जाता था। करीब नौ से दस किमी लंबे इस मार्ग पर पांच जगह खडी ढलानें थी। इन्‍हें पांच कैंची भी कहा जाता है। बताते हैं कि इसी रास्‍ते से प्रख्‍यात कवि और उपन्‍यासकार रुडियार्ड किपलिंग भी मसूरी गए थे। इसीलिए उनकी याद में इस मार्ग का नाम किपलिंग ट्रेल भी पडा। इसके बाद 19वींं दी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में मसूरी तक बैलगाडी के लिए सडक तैयार हो चुकी थी। ग्‍लोगी पावर हाउस के निर्माण की सामाग्री भी बैलगाडियों से ही मसूरी पहुंचाई गई। मसूरी के इतिहास पर गहन शोध करने वाले इतिहासकार जय प्रकश उत्‍तराखंडी बताते हैं कि वर्ष 1920 में इसी उबड खाबड सडक पर हिचकोले खाते हुए एक अंग्रज ई डब्‍ल्‍यू बेल पहली बार कार चलाकर मसूरी पहुुंचा। हालांकि बाद में वर्ष 1929 में मसूरी पक्‍की सडक से जुड गई।


मसूरी से दून तक लगेंगे 26 टावर

दून-मसूूूरी रोपवे परियोजना के लिए देहरादून के पुरुकुल से मसूरी के लाइब्रेरी चौक के बीच 26 टावर बनाए जाने हैं। पुरकुल गांव में रोपवे के लोअर टर्मिनल स्टेशन के भूतल का निर्माण हो चुका है। यहां तीन मंजिला पार्किंग भी बन गई है और चौथी मंजिल तैयार की जा रही है। मसूरी में बनने वाले अपर टर्मिनल का निर्माण भी चल रहा है। वर्ष 2024 में शुरू हुुुई यह परियोजना वर्ष 2026 के अंत तक पूरी होनी है।

 

(फोटो : साभार राजू पुशोला)

You Might Also Like

शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट

कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत

अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे

क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी

चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी

TAGGED: A 5.5 km Dehradun-Mussoorie ropeway is under construction, set to reduce travel time to just 20 minutes by late 2026. This ₹285 crore project will transform connectivity to the Queen of Hills
Web Editor July 30, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article Uttarakhand Panchayat Election Vote Counting : त्रिस्तरीय पंचायत चुनावः मतगणना के लिए सभी तैयारी पूरी, विजयी जुलूसों पर रहेगा प्रतिबंध
Next Article Mussoorie Ropeway Travel : Mussoorie: The Nostalgia of Footpaths, The Thrill of the Ropeway Now
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड October 10, 2026
कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
उत्तराखंड October 10, 2026
अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड October 9, 2026
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड October 8, 2026

Recent Posts

  • शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
  • कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (9,443)
  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (7,759)
  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,670)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,623)
  • 300 रुपये के लिए वृद्ध दंपती समेत तीन को पेचकस से गोदा, मौत (7,591)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?