केवि बीरपुर में संस्कृत पाठन सहायक सामग्री प्रदर्शनी आयोजित

देहरादून : केन्द्रीय विद्यालय बीरपुर में चल रहा नवनियुक्त प्रशिक्षित संस्कृत शिक्षक प्रेरण पाठ्यक्रम प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को हुआ | कार्यक्रम समन्वयक श्री अनुज कुमार ने बताया कि भारवि और माघ गण के प्रतिनिधियों द्वारा संस्कृत भाषा में प्रार्थना , प्रतिज्ञा ,सुविचार ,समाचार एवं विशिष्ट कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए | प्रथम सत्र में उप प्राचार्या सुश्री मनीषा मखीजा

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उत्‍तराखंड के चीफ टाउन प्‍लानर को पद से हटाया

देहरादून : भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे उत्तराखंड के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर) एसएम  श्रीवास्तव को अचानक पद से हटाते हुए उत्तराखंड शासन के आवास विभाग से अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई सीधे मुख्य्मंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर की गई है। तभी तो रविवार के अवकाश से बावजूद सचिवालय खुलवाकर

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शक्तिनहर में डूबे दूसरे व्यक्ति का शव भी बरामद

देहरादून : एसडीआरएफ की टीम ने डाकपत्थर क्षेत्र की शक्तिनहर में डूबे दूसरे व्यक्ति का शव भी बरामद कर लिया है, जबकि एक का शव शनिवार को निकाल लिया गया था। कोतवाली विकासनगर क्षेत्रान्तर्गत ढकरानी के पास शक्तिनहर में दो व्यक्ति डूब गए थे जिनकी सर्चिंग हेतु SDRF द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था जिस क्रम में एक युवक

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इस वर्ष 51 हजार से अधिक वीआइपी कर चुके हैं बदरी केदार के दर्शन

रुद्रप्रयाग: इस वर्ष बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में अब तक 51,696 वीआइपी दर्शन कर चुके हैं। इससे श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को रुपये 1,55,08,800 की आय प्राप्त हुई है। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अनुसार इस वर्ष 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात अब तक 15,612 विशिष्ट व अतिविशिष्ट और उनके संदर्भों से आए महानुभावों ने दर्शनों का लाभ उठाया है। इससे बीकेटीसी को रूपये 46,83,600 का लाभ हुआ। इसी प्रकार 27 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात वहां अभी तक 36,084 हजार विशिष्ट व अतिविशिष्ट महानुभाव दर्शनों के लिए पहुंचे। इनसे बीकेटीसी को रूपये 1,08,25,200 प्राप्त हुए। उल्लेखनीय है कि यात्राकाल में दोनों धामों में प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। बीकेटीसी वीआईपी श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराती थी और प्रसाद भी देती थी। इन श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था। वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं के नाम पर अनेक अव्यवस्थाएं भी पैदा होती थीं। इस वर्ष यात्राकाल से पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने देश के चार बड़े मंदिरों श्री वैष्णोदेवी, श्री तिरूपति बाला जी, श्री सोमनाथ व श्री महाकाल मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए अलग-अलग दल भेजे थे। इन दलों ने वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मंदिरों में आने वाले विशिष्ट व अति विशिष्ट महानुभावों से दर्शनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा था। बीकेटीसी ने अध्ययन दलों के सुझाव पर प्रति व्यक्ति 300 रुपये निर्धारित किया था। बीकेटीसी द्वारा नयी व्यवस्था कायम किए जाने के बाद वीआईपी व वीवीआईपी के नाम पर अनावश्यक रूप से दर्शनों के लिए घुसने वालों पर भी रोक लगी है। बीकेटीसी ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत इस वर्ष केदारनाथ धाम से शुरू की थी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बीकेटीसी ने पहली पर्ची मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की काटी थी। मुख्यमंत्री ने 300 रूपये का शुल्क चुका कर दर्शन किये थे।

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