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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में आपदा राहत के लिए कवायद तेज़, बुधवार से शुरू होगा पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट
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उत्तराखंड में आपदा राहत के लिए कवायद तेज़, बुधवार से शुरू होगा पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट

Web Editor
Last updated: 2025/09/20 at 4:56 PM
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Uttarakhand to Begin Post-Disaster Needs Assessment from Wednesday | Special Package Proposal to Centre Soon

Contents
फील्ड विजिट पर उतरेंगे विभागाध्यक्षजनपदों में पीडीएनए टीम की कमान जिलाधिकारियों के हाथआजीविका पर भी केंद्रित होगा आकलन

एक नजर 

  • भारत सरकार से विशेष पैकेज के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
  • जिलाधिकारी लीड करेंगे पीडीएनए टीमों को
  • आजीविका को हुए नुकसान का भी होगा आकलन
  • सभी HOD करेंगे फील्ड विजिट और समन्वय स्थापित

 

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देहरादून, 20 सितंबर 2025 : मानसून  के दौरान उत्तराखंड को हुई भारी क्षति की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार बुधवार से राज्य में पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट) की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत राज्य को हुई वास्तविक क्षति का मूल्यांकन कर भारत सरकार को विशेष पैकेज के लिए विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा।

शनिवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) स्थित आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि SDRF मद में आच्छादित और अनाच्छादित क्षति का विस्तृत विवरण समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए।

सचिव श्री सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। उन्होंने यह भी बताया कि जिन योजनाओं की प्रतिपूर्ति SDRF मद में संभव नहीं है, उनके लिए विशेष केंद्रीय सहायता मांगी जाएगी।

राज्य को इस वर्ष हुए भारी नुकसान की भरपाई अकेले SDRF से संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बंद सड़कों को शीघ्र खोलने, बिजली-पानी की लाइनों की मरम्मत और पैचवर्क कार्य बारिश बंद होते ही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

फील्ड विजिट पर उतरेंगे विभागाध्यक्ष

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन के निर्देशों पर अगले सप्ताह से सभी विभागाध्यक्ष जनपदों में फील्ड विजिट करेंगे। पहले सप्ताह विभागाध्यक्ष स्वयं दो दिनों के लिए जिलों में रुककर समीक्षा करेंगे, इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की टीम लगातार फील्ड में रहकर कार्यों की गति का मूल्यांकन करेगी।

जनपदों में पीडीएनए टीम की कमान जिलाधिकारियों के हाथ

राज्य में पीडीएनए प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं, जो सभी जिलों में जाकर क्षति का आकलन करेंगी। इन टीमों का नेतृत्व जिलाधिकारी करेंगे, जबकि संबंधित विभागों के HOD नोडल अधिकारी के रूप में भूमिका निभाएंगे। प्रत्येक योजना का विस्तृत मूल्यांकन कर उसके अनुरूप भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

आजीविका पर भी केंद्रित होगा आकलन

आपदा प्रबंधन सचिव श्री सुमन ने बताया कि सरकार केवल भौतिक क्षति ही नहीं, बल्कि आजीविका के नुकसान को भी गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, तीर्थाटन, पर्यटन, कृषि, परिवहन और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोगों को हुए नुकसान का भी आकलन कर उसे पीडीएनए में शामिल किया जाएगा।

होटल व्यवसाय, टैक्सी चालक, तीर्थ पुरोहित, किसान, फल विक्रेता, टूरिस्ट गाइड और अन्य स्वरोजगार आधारित समुदायों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी I 

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Web Editor September 20, 2025
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