By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: इसरो के वीनस ऑर्बिटर मिशन का हिस्सा बने डॉ. आलोक
Share
Notification Show More
Latest News
पक्षियों की रंग-बिरंगी दुनिया से रूबरू हुए छात्र, फोटो प्रदर्शनी ने बढ़ाई प्रकृति संरक्षण की समझ
उत्तराखंड
अब जंगल के पड़ोस में जीना सीखेंगे लोग, वन्य जीवों से संघर्ष रोकने को बनेगी नई रणनीति
उत्तराखंड
उत्तराखंड में 2000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी
उत्तराखंड
सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता से मिलती है सफलता की राह : योगी आदित्यनाथ
उत्तराखंड
खेतों की पगडंडियां बनीं गुलदार हमलों का सबसे बड़ा खतरा
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > इसरो के वीनस ऑर्बिटर मिशन का हिस्सा बने डॉ. आलोक
उत्तराखंड

इसरो के वीनस ऑर्बिटर मिशन का हिस्सा बने डॉ. आलोक

Web Editor
Last updated: 2025/10/29 at 5:00 AM
Web Editor
Share
1 Min Read
SHARE

Dr. Alok from HNB Garhwal University joins ISRO’s Venus Orbiter Mission

श्रीनगर (गढ़वाल), 29 अक्टूबर 2025:  हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल) के भौतिकी विभाग से जुड़े डॉ. आलोक सागर गौतम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी वीनस ऑर्बिटर मिशन में शामिल किए गए हैं। यह भारत का पहला शुक्र ग्रह ऑर्बिटर मिशन है, जो ग्रह की सतह और वायुमंडल के रहस्यों से पर्दा उठाएगा।

डॉ. गौतम को इस मिशन से संबंधित दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक (29–30 अक्टूबर) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो इसरो मुख्यालय, बेंगलुरु में आयोजित होगी। बैठक में शुक्र ग्रह की सतह, वायुमंडल, आयनोस्फियर और सूर्य के प्रभावों के अध्ययन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

डॉ. गौतम इस बैठक में “शुक्र ग्रह के वायुमंडल का मॉडलिंग, रिट्रीवल तकनीकें और इमेज प्रोसेसिंग” विषय पर प्रस्तुतीकरण करेंगे। उन्होंने इससे पहले भारतीय अंटार्कटिका अभियान और बादलों, एरोसोल्स तथा ब्लैक कार्बन पर राष्ट्रीय परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ. गौतम ने कहा कि इसरो के मिशन में सहभागिता से शोध के नए आयाम खुलेंगे तथा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रह अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा।

You Might Also Like

पक्षियों की रंग-बिरंगी दुनिया से रूबरू हुए छात्र, फोटो प्रदर्शनी ने बढ़ाई प्रकृति संरक्षण की समझ

अब जंगल के पड़ोस में जीना सीखेंगे लोग, वन्य जीवों से संघर्ष रोकने को बनेगी नई रणनीति

उत्तराखंड में 2000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी

सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता से मिलती है सफलता की राह : योगी आदित्यनाथ

खेतों की पगडंडियां बनीं गुलदार हमलों का सबसे बड़ा खतरा

Web Editor October 29, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article चंद्रभागा नदी को मिलेगा नया जीवन, भू-जल रीचार्ज योजनाओं को भी मंजूरी
Next Article पिस्टल लहराने पर लाइसेंस सस्पेंड, शस्त्र जब्त 
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पक्षियों की रंग-बिरंगी दुनिया से रूबरू हुए छात्र, फोटो प्रदर्शनी ने बढ़ाई प्रकृति संरक्षण की समझ
उत्तराखंड May 10, 2026
अब जंगल के पड़ोस में जीना सीखेंगे लोग, वन्य जीवों से संघर्ष रोकने को बनेगी नई रणनीति
उत्तराखंड May 8, 2026
उत्तराखंड में 2000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी
उत्तराखंड May 8, 2026
सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता से मिलती है सफलता की राह : योगी आदित्यनाथ
उत्तराखंड May 7, 2026

Recent Posts

  • पक्षियों की रंग-बिरंगी दुनिया से रूबरू हुए छात्र, फोटो प्रदर्शनी ने बढ़ाई प्रकृति संरक्षण की समझ
  • अब जंगल के पड़ोस में जीना सीखेंगे लोग, वन्य जीवों से संघर्ष रोकने को बनेगी नई रणनीति
  • उत्तराखंड में 2000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी
  • सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता से मिलती है सफलता की राह : योगी आदित्यनाथ
  • खेतों की पगडंडियां बनीं गुलदार हमलों का सबसे बड़ा खतरा

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,164)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,034)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,544)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,423)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,315)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?