

Smart Human Resource to Strengthen Uttarakhand Skill Development Model: CM Dhami
देहरादून, 05 February 2026 । उत्तराखंड में कौशल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कौशल विकास एवं फॉरवर्ड लिंकेज को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य का कौशल मॉडल केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित न रहे, बल्कि उद्योगों और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप स्मार्ट मानव संसाधन तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को मांग आधारित कौशल प्रदान कर उन्हें सुनिश्चित रोजगार और बेहतर वेतन से जोड़ने की है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि कौशल विकास की योजनाओं का सीधा लाभ युवाओं की नौकरी और आय में दिखाई देना चाहिए।
बैठक में इस विषय पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई और तकनीकी संस्थानों की संख्या बढ़ने तथा प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता के बावजूद प्लेसमेंट और वेतन स्तर में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन की कमियों, विभागीय समन्वय के अभाव और प्रभावी प्लेटफार्म की कमी से जोड़ा तथा त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री और कारपेंटर जैसे कार्यों के लिए कुशल श्रमिकों की लगातार मांग बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर आईटीआई से प्रशिक्षित कई युवा रोजगार के लिए भटकते नजर आते हैं। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, सेवायोजन और उद्योग विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक बताया गया।
उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग को ध्यान में रखते हुए रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम विकसित किए जाएं। साथ ही, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार तीन स्तर की वर्कफोर्स—बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स—तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो सके। तकनीकी पाठ्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक परिणाम तय करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी, एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म के निर्माण, विदेशों में रोजगार के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया तथा सरकारी भर्तियों से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने स्थानीय से लेकर ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीतियों और विभागीय प्रयासों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।


