

Jim Corbett National Park Bans Mobile Phones During Safari | New Rules Implemented
रामनगर (नैनीताल), 6 February2026। वन्यजीव संरक्षण को और सख्त करते हुए Jim Corbett National Park प्रशासन ने सफारी नियमावली में बड़ा बदलाव किया है। गुरुवार 5 फरवरी से पार्क के भीतर सफारी के दौरान मोबाइल फोन ले जाना और उसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब पर्यटकों को एंट्री गेट पर ही अपना मोबाइल फोन जमा कराना होगा। यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करते हुए मोबाइल साथ ले जाता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह नियम कॉर्बेट के सभी प्रमुख पर्यटन जोनों—बीजरानी, ढिकाला, गर्जिया, झिरना सहित अन्य क्षेत्रों में लागू होगा। खास बात यह है कि यह पाबंदी केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि गाइड, ड्राइवर और पार्क स्टाफ पर भी समान रूप से लागू रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप फैसला
पार्क प्रशासन के अनुसार यह निर्णय Supreme Court of India के 2025 में दिए गए निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद मामले में शीर्ष अदालत ने टाइगर रिजर्व के कोर हेबिटेट और पर्यटन जोनों में मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम किया जा सके। इससे पहले यह व्यवस्था Rajaji Tiger Reserve में लागू की जा चुकी है।
वन्यजीवों की सुरक्षा प्राथमिकता
वन अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की रिंगटोन, कैमरा फ्लैश, सेल्फी लेने की होड़ और टाइगर दिखते ही दूसरी गाड़ियों को कॉल या मैसेज करने से जानवरों पर मानसिक दबाव पड़ता है। इससे वे अपने प्राकृतिक व्यवहार से विचलित होते हैं, कभी आक्रामक हो जाते हैं तो कभी इलाका छोड़ देते हैं। वाहनों की अनावश्यक भीड़ भी वन्यजीवों के लिए खतरा बनती है।
पर्यटकों के अनुभव में सुधार का दावा
मोबाइल बैन से सफारी के दौरान ध्यान भटकने की समस्या कम होगी और पर्यटक प्रकृति व वन्यजीवों को नजदीक से महसूस कर सकेंगे। हालांकि प्रोफेशनल कैमरा ले जाने की अनुमति पहले की तरह रहेगी, लेकिन स्मार्टफोन की नहीं।
ऐसे लागू होगा नियम
एंट्री गेट पर मोबाइल सुरक्षित बॉक्स में जमा किए जाएंगे।
इमरजेंसी स्थिति के लिए गाइड या अधिकृत स्टाफ के पास फोन उपलब्ध रहेगा।
यह नियम दिन की सफारी और रात्रि विश्राम—दोनों पर लागू होगा।
कॉर्बेट के डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा के मुताबिक यह कदम जिम्मेदार पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में जरूरी है। उन्होंने बताया कि Ranthambore National Park और Bandhavgarh National Park जैसे कई प्रमुख टाइगर रिजर्व में पहले से ऐसी पाबंदी लागू है।
फैसले को लेकर पर्यटकों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। कुछ इसे संरक्षण की दिशा में अहम कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इमरजेंसी में मोबाइल की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि प्रशासन का संदेश साफ है—कॉर्बेट में पहले वन्यजीव, बाकी सब बाद में।
जिम कॉर्बेट में सख्त नियम: सफारी के दौरान मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित
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