Uttarakhand Pre-Budget Dialogue Focuses on Inclusive Growth and Public Participation
Budget से पहले जनता की आवाज़, विकास के रोडमैप पर मंथन, टनकपुर में CM की अगुवाई में हुआ संवाद,
टनकपुर, 08 February 2026। आगामी बजट को जनआकांक्षाओं से जोड़ने के उद्देश्य से टनकपुर स्थित एनएचपीसी बनबसा सभागार में बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। संवाद में प्रदेश के समग्र विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास की योजनाओं को ज़मीनी जरूरतों से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि संवाद के दौरान मिले सुझावों को आगामी बजट में यथासंभव स्थान दिया जाएगा, ताकि संतुलित, समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
इस बजट-पूर्व संवाद में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीण और शहरी विकास, कृषि, उद्योग, पर्यटन तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। ग्रामीण विकास के लिए अनुदान बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीवर लाइन और शौचालय निर्माण को गति देने, पंचायतों को अधिक अधिकार देने तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए मानदेय और अध्ययन भ्रमण जैसी मांगें प्रमुख रहीं।
वक्ताओं ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय निकायों को मजबूत करना जरूरी है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जाएगा।
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कैपिटल आउटले में दोगुनी छलांग
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड का कैपिटल आउटले 7,534 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,765 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, राज्य की जीडीपी वर्ष 2021-22 के 2.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्तमान में 4.74 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो लगभग 60 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है।


