Uttarakhand Budget Reflects PM Modi’s Vision 2047, Push for Spiritual Economic Zone
गैरसैंण, 10 March 2026। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पेश किए गए बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन की झलक साफ दिखाई दी। बजट में उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई अहम प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
दरअसल, राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के विकास के लिए नौ मंत्र दिए थे, जिनमें देवभूमि को स्पिरिचुअल हब के रूप में विकसित करना प्रमुख लक्ष्य था। राज्य सरकार अब उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए आध्यात्मिक पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, वेलनेस और आध्यात्मिक शिक्षा से जुड़े संस्थानों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य और वेलनेस पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
बजट में कुमाऊं क्षेत्र की सरयू सहित अन्य नदियों के तटों के विकास के लिए भी 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। रिवर फ्रंट परियोजनाओं के माध्यम से नदी किनारों का सौंदर्यीकरण, घाटों का विकास और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
इसके अलावा आगामी कुंभ मेले की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य सरकार ने हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए भारत सरकार से 1027 करोड़ रुपये के आधारभूत ढांचा अनुदान की मांग की है। यह राशि यात्री प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में खर्च की जाएगी।
हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। हरिद्वार गंगा कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के लिए 10-10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंगा तटों का सौंदर्यीकरण, घाटों का आधुनिकीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना है।
सरकार का मानना है कि यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो पर्यटन के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बॉक्स: पीएम मोदी के नौ विकास मंत्र
स्प्रिचुअल हब, वेलनेस टूरिज्म, बॉर्डर टूरिज्म, लोकल फॉर वोकल, ईको व एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म डेस्टिनेशन, फलोत्पादन, बारहमासी पर्यटन और वेडिंग डेस्टिनेशन।
बजट में दिखा ‘विकसित उत्तराखण्ड 2047’ का विजन
Leave a comment
Leave a comment




