By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: यात्रा मार्ग पर हेलमेट पहनकर डेंजर जोन पार करेंगे श्रद्धालु
Share
Notification Show More
Latest News
कर्नाटक के किसानों को भा रहा उत्तराखंड का मंडुआ
उत्तराखंड
वन्यजीवों की राह नहीं रोकेंगे हाईवे
Uncategorized
पति के बिस्तर पर सांप छोड़ने वाली रविता को फांसी
Uncategorized
IIT रुड़की की स्टडी में खुलासा : देश के 10 फीसदी से अधिक जिले आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील
उत्तराखंड
रोमांच के नाम पर जिंदगी से खिलवाड़
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > यात्रा मार्ग पर हेलमेट पहनकर डेंजर जोन पार करेंगे श्रद्धालु
उत्तराखंड

यात्रा मार्ग पर हेलमेट पहनकर डेंजर जोन पार करेंगे श्रद्धालु

Web Editor
Last updated: 2024/09/11 at 10:45 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

रुद्रप्रयाग : श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम और अधिक पुख्ता होंगे। यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के बीच स्लाइडिंग एवं डेंजर जोन में अब यात्रियों को हेलमेट पहन कर रास्ते पार करवाए जाएंगे। ऐसे स्थानों पर यात्रियों को सचेत करने एवं सतर्कता की जानकारी देने को अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स का भी सहारा लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में गढ़वाल कमिश्नर/ सचिव मा. मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडेय, आपदा सचिव विनोद सुमन ने बुधवार को श्री केदारनाथ यात्रा एवं आपदा संबधित बैठक लेने केदार घाटी पहुंचे। शेरसी में बैठक के दौरान उन्होंने मानसून सीजन के बाद शुरू हुई दूसरे चरण की यात्रा एवं 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते हुई क्षति के बाद हुए पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र एवं पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने जिलाधिकारी सौरभ गहरवार से सड़क एवं पैदल यात्रा मार्ग की पुनर्स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट लेते हुए। इस वर्ष की शेष यात्रा काल के लिहाज से अनिवार्य कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मास्क एवं हेलोजन लाईट लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के चलते बार बार भूस्खलन यात्रा मार्ग पर हो रहा है ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि केदारनाथ यात्रा सुगम एवं सुरक्षित हो इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करें।

आपदा सचिव विनोद सुमन ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा सुरक्षा के साथ सुचारू रखने के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। अब तक करीब 30 करोड़ रुपए मुआवजा एवं पुनर्थापना कार्यों के लिए मुख्यमंत्री स्वीकृत कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सड़क एवं पैदल मार्गों पर हुई क्षति की पुनर्थपना गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए तेजी से करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी संभव प्रयास किया जा रहे हैं पैदल यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग, जंगलचट्टी, रामबाड़ा, भीमबली सहित अन्य डेंजर जोन में यात्रियों को अब सुरक्षा हेलमेट पहन कर यात्रा करवाई जाएगी। वहीं यात्रा मार्ग पर अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स भी लगाने की तैयारी है। जिससे मौसम, भूस्खलन सहित यात्रा संबधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी यात्रियों को समय पर उपलब्ध करवाई जा सकें।
यात्रा मार्ग पर पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग एवं सुझावों के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त कर्नल अजय कोठियाल ने सुझाव दिया कि कुंड में प्रस्तावित नए पुल निर्माण में सेना की सहायता ली जाए। इसके अलावा फिलहाल पैदल यात्रा मार्ग को चार मीटर तक चौड़ा किया जाना अनिवार्य है ताकि भीड़ बढ़ने पर पैदल मार्ग में जाम जैसी स्थिति न बने।

बैठक में विभागाध्यक्ष पीडब्लूडी दीपक यादव, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विमल गुसाईं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह, जल संस्थान अनीश पिल्लई, सिंचाई खुशवंत सिंह, तहसीलदार ऊखीमठ प्रदीप नेगी, डीडीएमए विनय झिंक्वाण सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

 

You Might Also Like

कर्नाटक के किसानों को भा रहा उत्तराखंड का मंडुआ

IIT रुड़की की स्टडी में खुलासा : देश के 10 फीसदी से अधिक जिले आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील

रोमांच के नाम पर जिंदगी से खिलवाड़

फूलों की घाटी में नियंत्रित रहेगी पर्यटकों की संख्या

देवप्रयाग में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत; तीन घायल

TAGGED: Devotees will cross the danger zone wearing helmets on the yatra route
Web Editor September 11, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article  बरसात के बाद प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश
Next Article मुख्य सचिव ने की आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की समीक्षा
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

कर्नाटक के किसानों को भा रहा उत्तराखंड का मंडुआ
उत्तराखंड October 17, 2026
वन्यजीवों की राह नहीं रोकेंगे हाईवे
Uncategorized October 17, 2026
पति के बिस्तर पर सांप छोड़ने वाली रविता को फांसी
Uncategorized October 16, 2026
IIT रुड़की की स्टडी में खुलासा : देश के 10 फीसदी से अधिक जिले आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील
उत्तराखंड October 16, 2026

Recent Posts

  • कर्नाटक के किसानों को भा रहा उत्तराखंड का मंडुआ
  • वन्यजीवों की राह नहीं रोकेंगे हाईवे
  • पति के बिस्तर पर सांप छोड़ने वाली रविता को फांसी
  • IIT रुड़की की स्टडी में खुलासा : देश के 10 फीसदी से अधिक जिले आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील
  • रोमांच के नाम पर जिंदगी से खिलवाड़

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (14,090)
  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (14,024)
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी (13,235)
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग  (12,532)
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी (12,203)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?