देहरादून : देहरादून शहर की सफाई व्यवस्था की कमान जैसे ही नवनियुक्त जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल को सौंपी तो उसका असर भी धरातल पर नजर आने लगा है। नगर निगम की टीम सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने की प्रवृत्ति पर कार्रवाई करने के लिए शरभर में निरीक्षण कर रही है। इसी क्रम में पता चला चला कि 07 से अधिक सरकारी कार्यालयों और दर्जनों दुकानों वाले राजीव गांधी बहुद्देशीय कांप्लेक्स में सफाई व्यवस्था में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। जिस ठेकेदार को कांप्लेक्स की सफाई का जिम्मा दिया गया है, वह कूड़े को उचित स्थल पर डालने की जगह बगल की पुरानी तहसील की भूमि पर उड़ेल रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी/प्रशासक नगर निगम सविन बंसल के निर्देश पर ठेकेदार पर 01 लाख रुपए का भारीभरकम जुर्माना लगाया गया है।
दरअसल, डिस्पेंसरी रोड स्थित राजीव गांधी कांप्लेक्स में सफाई व्यवस्था का जिम्मा अमीर अहमद कुरैशी (इनामुल्ला बिल्डिंग) को दिया गया है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन वह कूड़ा फेंकना और थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 के अंतर्गत नहीं करते पाए गए। कूड़े को उचित स्थान पर निस्तारित करने की जगह उसे पुरानी तहसील की भूमि पर खुले में फेंका जाना पाया गया। इसे अधिनियम के अंतर्गत अपराध मानते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उप नगर आयुक्त ने ठेकेदार पर 01 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया। जुर्माने की राशि को 03 दिन के भीतर नगर निगम के पक्ष में जमा न करने पर ठेकेदार की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करते हुए ब्याज के साथ वसूली की जाएगी। इसी क्रम में नगर निगम की टीम ने पुरानी तहसील में जमा कूड़े को हटाने का काम भी किया।
कूड़ा उठान करने वाली कंपनियों के वाहनों की संख्या कम
\जिलाधिकारी के निर्देश पर उप नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने सफाई व्यवस्था के साथ ही कूड़ा उठान एवं कूड़ा वाहन संचालन आदि की व्यवस्था का परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम से कूड़ा उठान के लिए अनुबंधित कंपनी इकोनवेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वाटरग्रेस, सनलाइट के कूड़ा उठान रूट और वाहन व्यवस्था को परखा। पाया गया कि कूड़ा उठान के वाहनों की संख्या कम है, जिस पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किया गया।
सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने हैं तो छोड़ दें यह आदत
जिलाधिकारी बंसल ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने वालों की निगरानी की जाए। जो भी व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। लिहाजा, जिलाधिकारी के स्पष्ट रुख के बाद अब घर का कूड़ा सार्वजनिक स्थलों पर डालने वाले कभी भी भारी जुर्माने की चपेट में आ सकते हैं।


