Uttarakhand Rains: 7 Dead, 11 Missing in 24 Hours | No Relief Expected Till Sept 2
देहरादून, 30 अगस्त 2025 : उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हालात बेहद खराब हैं। सड़कों पर मलबा, उफनती नदियाँ और लगातार हो रहे भूस्खलन ने लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को ठप कर दिया है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई अब भी लापता
बारिश के कारण हुई घटनाओं में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा और एक दंपति भी शामिल हैं। गढ़वाल क्षेत्र में चार और कुमाऊं में तीन मौतें हुई हैं। वहीं, 11 लोग अब भी लापता हैं, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
घरों से पलायन, राहत-बचाव कार्यों में बाधाएँ
कई इलाकों में स्थिति इतनी भयावह है कि लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अनेक सड़कें बंद हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में भारी परेशानी हो रही है। कई गाँव बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं, बिजली और मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हैं।
अभी नहीं मिलेगी राहत: मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 2 सितंबर तक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। देहरादून समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
भय और अनिश्चितता के साये में पहाड़
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लोग गहरे भय और चिंता के माहौल में जी रहे हैं। लगातार गिरती बिजली और टूटती सड़कों के बीच प्रशासन और राहत एजेंसियाँ पूरी कोशिश में जुटी हैं, लेकिन हालात बहुत मुश्किल बने हुए हैं। यह आपदा एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसान कितना असहाय है I