By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: सात मीटर नीचे मलबे में दबे कल्‍प केदार का पता चला, जीपीएस से मिली लोकेशन
Share
Notification Show More
Latest News
मुख्यमंत्री धामी ने सामूहिक कन्या पूजन में लिया हिस्सा, नारी सम्मान का दिया संदेश
उत्तराखंड
चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस
उत्तराखंड
हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
उत्तराखंड
छात्र गुटों की हिंसक झड़प में युवक की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखंड
मोरी के फिताड़ी गांव में आधी रात भीषण अग्निकांड, 12 परिवार बेघर; मकान और अन्न भंडार जलकर खाक
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > Uncategorized > सात मीटर नीचे मलबे में दबे कल्‍प केदार का पता चला, जीपीएस से मिली लोकेशन
Uncategorized

सात मीटर नीचे मलबे में दबे कल्‍प केदार का पता चला, जीपीएस से मिली लोकेशन

Web Editor
Last updated: 2025/08/31 at 3:52 AM
Web Editor
Share
2 Min Read
SHARE

Kalp Kedar Temple Found Under Debris in Dharali After Flash Flood

 

हर्षिल, 31 अगस्त 2025: उत्तराखंड के धराली में बीते दिनों आई भीषण आपदा के दौरान खीरगंगा नदी के सैलाब में लोप हुए भगवान शिव के प्राचीन कल्प केदार मंदिर का पता लगा लिया गया है। यह चमत्कार मोबाइल जीपीएस ट्रेकिंग की मदद से संभव हो पाया है। मंदिर समिति ने सटीक स्थान का पता लगाकर वहाँ हनुमान ध्वजा स्थापित कर दी है, ताकि भविष्य में सुरक्षित ढंग से मंदिर को मलबे से बाहर निकालने का कार्य शुरू किया जा सके।

गर्भगृह सुरक्षित होने की उम्मीद

धराली में गंगोत्री हाईवे से 50 मीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर पांच अगस्त को खीरगंगा के सैलाब में बह गया था। समिति का कहना है कि सैलाब मंदिर के ऊपरी हिस्से को बहा ले गया, लेकिन मंदिर का गर्भगृह, जो कि जमीन से करीब सात मीटर नीचे है, मलबे में दबा हुआ है। श्री कल्प केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार, सचिव संजय पंवार सहित अन्य सदस्यों ने 21 अगस्त को जीपीएस ट्रेकिंग की मदद से मंदिर के सटीक स्थान को चिह्नित किया। समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार ने बताया कि गर्भगृह सतह से सात मीटर नीचे होने के कारण शिवलिंग के सुरक्षित होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जब भी यहाँ भारी मशीनें संचालन की स्थिति में होंगी, तब मंदिर के गर्भगृह तक खुदाई कर उसे मलबे से निकाला जाएगा।

तीर्थयात्रियों के लिए विशेष महत्व

कल्प केदार मंदिर को जलमग्न शिवलिंग के रूप में भी जाना जाता था, जहाँ गर्भगृह में विराजमान शिवलिंग हमेशा जल में डूबा रहता था। चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री गंगोत्री धाम के दर्शन से पहले यहाँ रुककर भगवान कल्प केदार के दर्शन करना नहीं भूलते थे। अब उम्मीद है कि जल्द ही यह प्राचीन शिवालय फिर से अपने मूल स्वरूप में आ सकेगा।

You Might Also Like

गुलदार का हमला: सीता की बहादुरी से बची गीता की जान

यमुनोत्री रोपवे परियोजना का एलाइनमेंट बदलने की तैयारी

पर्यटन उद्योग को 65% कोटा, कमर्शियल सिलेंडरों की नई व्यवस्था लागू

उत्तराखंड में 2 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि परती

भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्मा गार्डियन-2026’ चौबटिया में शुरू

TAGGED: After the devastating flash flood in Dharali, buried under seven meters of debris, has been located using mobile GPS tracking. The temple's sanctum, is hoped to be safe. Read about the discovery and future plans., the ancient Kalp Kedar Temple, Uttarakhand, which was believed to be lost
Web Editor August 31, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article चीन सीमा को जोडने वाले नीति-मलारी हाईवे पर पुल बहा
Next Article PWD की लापरवाही से परेशानी में क्लेमेनटाउन निवासी, विधायक को ज्ञापन सौंपा
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

मुख्यमंत्री धामी ने सामूहिक कन्या पूजन में लिया हिस्सा, नारी सम्मान का दिया संदेश
उत्तराखंड March 25, 2026
चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस
उत्तराखंड March 25, 2026
हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
उत्तराखंड March 25, 2026
छात्र गुटों की हिंसक झड़प में युवक की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखंड March 25, 2026

Recent Posts

  • मुख्यमंत्री धामी ने सामूहिक कन्या पूजन में लिया हिस्सा, नारी सम्मान का दिया संदेश
  • चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस
  • हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
  • छात्र गुटों की हिंसक झड़प में युवक की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार
  • मोरी के फिताड़ी गांव में आधी रात भीषण अग्निकांड, 12 परिवार बेघर; मकान और अन्न भंडार जलकर खाक

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,062)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,962)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,458)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,324)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,246)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?