Uttarakhand CM Holds High-Level Meeting Amidst Red and Orange Alerts
देहरादून, 31 अगस्त 2025 : उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए रेड और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को शासन और जिला स्तर के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने और राहत व बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य में गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं और आने वाले दिन और भी कठिन हो सकते हैं। ऐसे में जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। दूसरी ओर देहरादून समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गयी है I
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रभावित परिवारों की भावनाओं को भी समझती है। उन्होंने पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को मैदानी जिलों में पुनर्वास के विकल्पों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में, मुख्यमंत्री ने तमक नाले पर बहे पुल को लेकर बीआरओ (BRO) के अधिकारियों से जानकारी ली और वहां जल्द से जल्द एक बेली ब्रिज बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पुल रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए यातायात बहाल करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गंगोत्री हाईवे को सुरक्षित बनाने और बरसात खत्म होते ही सभी क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत का काम शुरू करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के हर्षिल और स्यानाचट्टी क्षेत्रों में बनी झीलों और बढ़ते जलस्तर पर भी चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारी को 24 घंटे निगरानी रखने और राहत दलों को मौके पर तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नदियों में जमा भारी मलबे को सुरक्षित स्थानों पर हटाना जरूरी है।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 1 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। 2 सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। बैठक में गृह सचिव शैलेश बगौली और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।