Hemkund Sahib & Kedarnath Ropeway Projects Signed | Uttarakhand Tourism Boost
केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे के लिए हुआ ऐतिहासिक समझौता
देहरादून, 3 सितंबर 2025 : जल्द ही श्रद्धालु हेमकुंड साहिब तक रोपवे से यात्रा शुरू कर सकेंगे। इससे धाम तक लगने वाला समय आठ-नौ घंटे से सिमटकर महज 36 मिनट रह जाएगा। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किमी लंबी रोपवे का निर्माण 2700 करोड़ रुपए की लागत किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता उत्तराखंड सरकार और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के बीच हुआ है। इसके तहत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का विकास किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत, एनएचएलएमएल की इक्विटी में 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। खास बात यह है कि राजस्व का 90 प्रतिशत हिस्सा उत्तराखंड में पर्यटन, परिवहन और गतिशीलता क्षेत्र में व्यय किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह परियोजनाएं न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी, बल्कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास में भी मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी लंबी रोपवे के निर्माण पर 4100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा और राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। अजय टम्टा ने इसे राज्य के लिए “रोपवे विकास का महत्वपूर्ण दिन” बताया। सतपाल महाराज ने कहा कि रोपवे से स्थानीय लोगों की आर्थिकी और रोजगार में वृद्धि होगी।
इस समझौते से उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क को नया विस्तार मिलेगा और यह राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति का आधार बनेगा।
