Toll Tax Rules 2026: No NOC for Vehicles with Pending Toll Dues
देहरादून, 23 जनवरी 2026 । राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अब टोल टैक्स को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। केंद्र सरकार ने “केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026” लागू कर दिए हैं, जिसके तहत अगर किसी वाहन पर टोल टैक्स बकाया पाया गया तो उसे एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि वाहन का ट्रांसफर, मालिकाना हक में बदलाव या राज्य परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएं रुक जाएंगी।
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है और ईटीसी सिस्टम (जैसे फास्टैग) में उसकी एंट्री दर्ज हो जाती है, लेकिन भुगतान नहीं हो पाता, तो उसे “अदा न किया गया उपयोगकर्ता शुल्क” माना जाएगा। यही राशि टोल बकाया के रूप में दर्ज होगी। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए वाहन से जुड़े अहम दस्तावेजों को सीधे टोल भुगतान से जोड़ दिया है।
एनओसी के लिए उपयोग होने वाले फॉर्म-28 में भी बदलाव किया गया है। अब इसमें यह जानकारी देना अनिवार्य होगा कि वाहन पर किसी भी टोल प्लाजा का कोई बकाया उपयोगकर्ता शुल्क लंबित नहीं है। यह फॉर्म अब डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन भी भरा जा सकेगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कहना है कि यह कदम टोल वसूली को ईमानदार और प्रभावी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न सिर्फ टोल चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि वाहन मालिकों में समय पर भुगतान की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। जब एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जैसी जरूरी सुविधाएं टोल भुगतान से जुड़ जाएंगी, तो बकाया रखने की प्रवृत्ति अपने आप खत्म होगी।
सरकार का उद्देश्य साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और विकास के लिए मिलने वाला राजस्व समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ एकत्र हो। इससे सड़क ढांचे को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
फिटनेस और परमिट पर भी पड़ेगा असर
अगर किसी वाहन पर टोल टैक्स बकाया है तो उसका फिटनेस सर्टिफिकेट जारी या नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। फिटनेस सर्टिफिकेट यह प्रमाण होता है कि वाहन सड़क पर चलने के लिए सुरक्षित है। व्यावसायिक वाहनों के लिए नियम और सख्त हैं, क्योंकि उन्हें मिलने वाला नेशनल परमिट भी तभी जारी होगा जब सभी टोल बकाया चुका दिए जाएंगे।
