Modernity and Culture Complement Each Other: Rajnath Singh at Haridwar Event
हरिद्वार, 07 February 2026। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि परस्पर पूरक शक्तियां हैं। जब तकनीकी प्रगति के साथ संस्कार और मूल्य जुड़ते हैं, तब कोई भी शक्ति देश को कमजोर नहीं कर सकती।
शुक्रवार को सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि मंदिर में मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने देश की अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का जीवन दर्शन, साधना और विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उनकी प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उन मूल्यों को पुनः जीवंत करने का प्रतीक है, जिन पर भारतीय संस्कृति टिकी हुई है। उन्होंने हरिद्वार को केवल तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बताया।
इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि संत समाज को स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेतृत्व शामिल हुआ। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक मंथन हुआ।
समारोह में जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि सहित अनेक गणमान्य संत और अतिथि उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक है भारत माता मंदिर: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल आधार थे। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्थल जाति, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।


