Illegal Plotting Under Digital Crackdown | MDDA to Publish Full Details on Website
देहरादून, 07 February 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “विज़न से विज़िबल डेवलपमेंट” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनियमित निर्माण के खिलाफ निर्णायक डिजिटल अभियान छेड़ दिया है। अब अवैध कॉलोनियों, प्लॉटिंग और की गई कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी एमडीडीए की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि आम लोग फर्जी योजनाओं के जाल में न फंसें और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में 7 फरवरी 2026 को हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शहरी विकास अब केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानून, तकनीक और जनहित के संतुलन के साथ आगे बढ़ेगा। बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयी चक्कर न लगाने पड़ें और सभी प्रक्रियाएं तय समय में पूरी हों।
बैठक में उन मामलों पर भी सख्ती दिखाई गई, जिनमें मानचित्र स्वीकृति या शमन के बाद भी निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया है। ऐसे प्रकरणों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों के पालन में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए एमडीडीए अब सेक्टरवार संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाएगा। तय तिथियों पर अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे और नियमविरुद्ध निर्माण पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि इन कार्रवाइयों का पूरा विवरण अब एमडीडीए की वेबसाइट पर डाला जाएगा, जिससे लोग किसी भी क्षेत्र की स्थिति पहले ही देख सकें और अवैध निवेश से बच सकें। यह कदम “डिजिटल वार” के रूप में देखा जा रहा है, जो पारदर्शिता के साथ-साथ जनजागरूकता भी बढ़ाएगा।
शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी बड़े फैसले लिए गए। सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को आधुनिक पार्क के रूप में विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। वहीं मसूरी रोड की वैली साइड पर लाइटिंग कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हो सके। धर्मपुर चौक मंदिर के पास पार्क और शिव प्रतिमा स्थापना से क्षेत्र को सांस्कृतिक पहचान मिलने की उम्मीद है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और विकास कार्यों में पारदर्शिता प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कुल मिलाकर, एमडीडीए की यह पहल अवैध प्लॉटिंग पर सख्त लगाम लगाने के साथ ही शहरी विकास को डिजिटल निगरानी और सार्वजनिक जवाबदेही के नए दौर में ले जाती दिखाई दे रही है।


