Kandali Saag Brings Back Childhood Memories for Yogi Adityanath in Panchur Village
देहरादून, 07 feburary 2026। पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित पंचूर गांव में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं रहा, बल्कि गांव की मिट्टी और पारंपरिक स्वाद से जुड़ी भावनाओं का सजीव उदाहरण बन गया। पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री के लिए इस यात्रा का सबसे खास पहलू रहा—कंडाली (बिच्छू घास) का साग, जिसने उन्हें सीधे बचपन की स्मृतियों से जोड़ दिया।
रात्रि विश्राम के बाद सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर पूजा-पाठ करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने घर के आंगन में बैठकर पहाड़ी धूप और शांति का आनंद लिया। इसके बाद पारंपरिक पहाड़ी भोजन परोसा गया, जिसमें कंडाली का साग प्रमुख व्यंजन के रूप में शामिल था। यह वही साग है, जो कभी गांवों में मेहनत और सावधानी से तैयार किया जाता था और पीढ़ियों की स्मृतियों में बसा है। कंडाली का स्वाद लेते हुए मुख्यमंत्री भावुक दिखे और उन्होंने ग्रामीणों से अपने बचपन के दिनों को साझा किया।
ग्रामीणों ने बताया कि कंडाली का साग केवल भोजन नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, संघर्ष और आत्मनिर्भर जीवनशैली का प्रतीक है। इतने बड़े पद पर पहुंचने के बावजूद मुख्यमंत्री का उसी सादगी और स्वाद से जुड़ा रहना गांववासियों के लिए गर्व का विषय बना। भोजन के दौरान माहौल पूरी तरह आत्मीय रहा और बातचीत में पुराने दिन, खेत-खलिहान और पहाड़ी जीवन की झलक साफ दिखाई दी।
भोजन के बाद मुख्यमंत्री गांव की पगडंडियों पर सैर के लिए निकले। बच्चों और युवाओं के साथ चलते हुए उन्होंने न केवल अपनी यादें साझा कीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया। गांव की गलियों, पुराने घरों और रास्तों को निहारते हुए वे कई बार रुकते दिखे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने यमकेश्वर स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दोपहर में जब वे पंचूर गांव से रवाना हुए, तो ग्रामीणों के लिए यह दौरा कंडाली के साग की तरह ही सादगी, स्वाद और भावनाओं से भरा हुआ यादगार बन चुका था।


