Uttarakhand Trout Wins UAE Market, Boost to Hill Economy
देहरादून, 09 February 2026। मध्य हिमालय की स्वच्छ और ठंडी जलधाराओं में पली-बढ़ी उत्तराखंड की ट्राउट मछली अब अंतरराष्ट्रीय थालियों तक पहुंचने को तैयार है। अपने बेहतरीन स्वाद, उच्च गुणवत्ता और पोषण गुणों के कारण उत्तराखंडी ट्राउट ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खास पहचान बनानी शुरू कर दी है। बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले चरण में 20 टन ट्राउट मछली के निर्यात की तैयारी तेज कर दी है।
मत्स्य पालन विभाग खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रमाणपत्रों को प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटा है। निर्यात की यह पहल न केवल राज्य की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी जलधाराओं में पली ट्राउट का स्वाद और गुणवत्ता इसे अन्य क्षेत्रों की मछलियों से अलग बनाती है, इसी कारण विदेशी बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
हाल ही में दुबई में आयोजित गल्फूड प्रदर्शनी में उत्तराखंड की ट्राउट मछली को विशेष सराहना मिली। वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय वितरकों और व्यापारियों ने इसके स्वाद की प्रशंसा करते हुए नियमित आपूर्ति में भी रुचि दिखाई। इससे भविष्य में निर्यात का दायरा और बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हुई हैं।
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राज्य में 710 मीट्रिक टन ट्राउट उत्पादन
राज्य सरकार ट्राउट पालन को आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। वर्तमान में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून के पर्वतीय क्षेत्रों में रेसवेज प्रणाली से ट्राउट पालन हो रहा है। साथ ही चंपावत और नैनीताल जैसे इलाकों में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। फिलहाल राज्य में लगभग 710 मीट्रिक टन ट्राउट मछली का उत्पादन हो रहा है।
बयान
राज्य में उत्पादित ट्राउट मछली के निर्यात के लिए फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट समेत अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र अनिवार्य हैं। इन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रयास है कि जल्द ही यूएई को ट्राउट की पहली खेप भेजी जाए और इसके बाद अन्य देशों तक भी निर्यात का विस्तार किया जाए।
— सौरभ बहुगुणा, मत्स्य पालन मंत्री, उत्तराखंड


