HIMS Jolly Grant Creates History with Single-Session Surgery for Four Brain Aneurysms
डोईवाला, 09 February 2026। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट के डॉक्टरों ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए असंभव माने जा रहे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने 60 वर्षीय महिला के मस्तिष्क में मौजूद चार खतरनाक ब्रेन एन्यूरिज्म का एक ही सत्र में एंडोवास्कुलर कॉइलिंग तकनीक से सफल उपचार किया।
हिम्स के न्यूरोसर्जन डॉ. बृजेश तिवारी ने बताया कि महिला आंखों के पीछे तेज दर्द, दोहरी दृष्टि और गर्दन में अकड़न की शिकायत लेकर ओपीडी में आई थी। जांच में पता चला कि महिला के दाएं और बाएं दोनों ओर की मस्तिष्क नसों में चार जगह गुब्बारे जैसी सूजन (एन्यूरिज्म) मौजूद थी, जो फटने पर तुरंत जानलेवा साबित हो सकती थी।
चिकित्सकों के लिए यह ऑपरेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि आमतौर पर एक से अधिक एन्यूरिज्म का इलाज अलग-अलग सत्रों में किया जाता है। एंडोवास्कुलर कॉइलिंग प्रक्रिया के तहत मरीज की जांघ से एक अत्यंत पतली कैथेटर डालकर मस्तिष्क तक पहुंच बनाई गई और चारों एन्यूरिज्म में प्लैटिनम के महीन कॉइल भरकर उन्हें अंदर से बंद कर दिया गया, जिससे रक्त प्रवाह रुक गया और फटने का खतरा समाप्त हो गया।
यह जटिल ऑपरेशन डॉ. रंजीत कुमार की निगरानी में किया गया। टीम में डॉ. संजीव पाण्डे, डॉ. अंकित भाटिया, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मोहित और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. निरूपा शामिल रहे।
डॉ. बृजेश तिवारी ने बताया कि महिला अब तेजी से स्वस्थ हो रही है और सामान्य जीवन की ओर लौट रही है। इस सफलता ने हिमालयन अस्पताल को जटिल और जानलेवा न्यूरो-ऑपरेशनों के क्षेत्र में देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल कर दिया है। एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने पूरी चिकित्सा टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।


