Rishikesh Sub-Registrar Suspended After Corruption Probe by District Administration
देहरादून, 15 February 2026 । ऋषिकेश तहसील स्थित उप-निबंधक कार्यालय में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। सविन बंसल द्वारा भेजी गई गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उप-निबंधक हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनवरी माह में आम जनता की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप-निबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। उप-निबंधक की गैरमौजूदगी में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से विलेखों का पंजीकरण किया जा रहा था, जो नियमों के बिल्कुल विपरीत पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन मूल दस्तावेजों को तीन दिन के भीतर लौटाया जाना चाहिए था, वे महीनों甚至 वर्षों से कार्यालय की अलमारियों में पड़े थे। अर्जेंट नकल के प्रकरण भी लंबे समय से लंबित थे, जिससे फरियादियों को मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
डीएम सविन बंसल के अनुसार, जांच के दौरान ‘दून घाटी विशेष महायोजना-2031’ के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि को आवासीय दरों पर छोटे-छोटे भू-खंडों में बेचने का मामला भी उजागर हुआ। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, वहीं आम खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
जांच रिपोर्ट में भारतीय स्टांप अधिनियम और रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियमों के खुले उल्लंघन की पुष्टि हुई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी जवाबदेही का संदेश गया है।
फरियादियों ने बताई परेशानी
निरीक्षण के दौरान पीड़ित लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि मूल अभिलेख लौटाने और रजिस्ट्री की नकल देने में उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा था। कई मामलों में महीनों तक दस्तावेज वापस नहीं किए गए और इसकी सूचना भी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई।
करोड़ों की स्टांप चोरी का खुलासा
पूर्व में हुए निरीक्षणों में यह भी सामने आया था कि सब-रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप से पंजीकरण किया जा रहा था। साथ ही करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी, संपत्ति मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी और वर्षों से लंबित मूल अभिलेख पाए गए थे। शासन की ताजा कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम माना जा रहा है।




