IIT Roorkee to Develop Mental Health Policy for Students with Expert Support
रुड़की, 16 February 2026 । देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने छात्रों की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक अहम कदम उठाया है। संस्थान अब विद्यार्थियों के लिए एक समग्र मेंटल हेल्थ पॉलिसी तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य पढ़ाई के दबाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तनाव, अकेलापन और भावनात्मक असंतुलन जैसी समस्याओं का समय रहते समाधान करना है।
इस महत्वाकांक्षी नीति के निर्माण में एम्स ऋषिकेश और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। संस्थान का मानना है कि विशेषज्ञों की भागीदारी से नीति अधिक व्यावहारिक, वैज्ञानिक और छात्र-हितैषी बन सकेगी। इस तरह की पहल शुरू करने वाला आईआईटी रुड़की देश का पहला आईआईटी बन गया है।
संस्थान के वेलनेस सेंटर द्वारा नीति का प्रारंभिक खाका तैयार किया गया है। इसमें छात्र कल्याण से जुड़े अधिष्ठाता, सह-अधिष्ठाता, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक, संकाय सदस्य और बाहरी विशेषज्ञ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित नीति का फोकस इस बात पर है कि छात्र बिना किसी संकोच के काउंसलिंग और सहायता सेवाओं तक पहुंच सकें, ताकि मानसिक समस्याएं गंभीर रूप लेने से पहले ही सुलझाई जा सकें।
छात्रों की मानसिक चुनौतियों पर साझा मंथन के लिए रविवार को ‘सहयोग 2.0’ नाम से एक अंतर-आईआईटी संवाद भी आयोजित किया गया। इसमें देशभर के विभिन्न आईआईटी परिसरों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रभावी उपायों पर चर्चा की। संवाद में काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने, तनाव प्रबंधन, वेलनेस सेंटर की भूमिका और आपात स्थितियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
यह पूरी पहल सुप्रीम कोर्ट और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिनमें उच्च शिक्षण संस्थानों से छात्रों की मानसिक सेहत के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने पर जोर दिया गया है।
इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि आज शिक्षा का अर्थ केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। छात्रों का मानसिक संतुलन और समग्र विकास भी उतना ही जरूरी है। ‘सहयोग 2.0’ जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि संस्थान छात्रों की मानसिक चुनौतियों को गंभीरता से समझता है और उन्हें सुरक्षित व सहयोगी वातावरण देना हमारी साझा जिम्मेदारी है।


