Jhande Ji Mela 2026: Grand Flag Hoisting in Araiyanwala, Dehradun Preparations Intensify

अराईयांवाला (हरियाणा), 27 February 2026। आस्था, परंपरा और भक्ति के अद्भुत संगम श्री झण्डा जी मेले को लेकर तैयारियां अब अपने चरम पर पहुंचने लगी हैं। शुक्रवार को हरियाणा के अराईयांवाला में श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों के बीच हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में श्री झण्डे जी का भव्य एवं विधिवत आरोहण किया गया। पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा, जहां संगतों ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की।
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के नेतृत्व में 100 सदस्यीय जत्था शुक्रवार सुबह देहरादून से अराईयांवाला के लिए रवाना हुआ। जत्था दोपहर करीब 12:10 बजे स्थल पर पहुंचा, जहां परंपरा के अनुसार पुराने श्री झण्डे जी को पूर्ण सम्मान और श्रद्धा के साथ उतारा गया। इसके बाद झण्डे को दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र स्नान कराया गया। धार्मिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच लगभग 60 फीट ऊंचे नए श्री झण्डे जी का हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य आरोहण किया गया। इस दौरान “जय गुरु राम राय” के उद्घोषों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा और कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नतमस्तक होते दिखाई दिए। आयोजन के उपरांत प्रसाद और लंगर का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लिया।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इस अवसर पर मेला संचालन समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि श्री झण्डा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु परंपरा की जीवंत विरासत है, जो समाज में प्रेम, भाईचारे, सेवा और समरसता का संदेश फैलाता है। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री झण्डे जी गुरु परंपरा की अखंड ज्योति, त्याग और मानवता के प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इसके दर्शन और सेवा से जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर अपनी आस्था अर्पित करते हैं।
परंपरा के अनुसार 25 फरवरी को श्री दरबार साहिब के पुजारी श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का हुक्मनामा लेकर हरियाणा के बड़ागांव के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद पैदल संगत देहरादून की ओर प्रस्थान कर चुकी है। यह पदयात्रा आस्था, अनुशासन और सामूहिक श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण होती है, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते हैं।
आगामी कार्यक्रमों के तहत 28 फरवरी को पैदल संगत का स्वागत सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में किया जाएगा, जबकि 1 मार्च को संगत देहरादून पहुंचेगी। यहां श्री दरबार साहिब प्रबंधन और मेला आयोजन समिति द्वारा कांवली गांव तथा दर्शनी गेट पर भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। पुष्पवर्षा, बैंड-बाजों और जयकारों के साथ संगत का अभिनंदन किया जाएगा। इसके पश्चात संगतें श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर श्री दरबार साहिब में प्रवेश करेंगी, जहां भजन-कीर्तन और विशेष अरदास से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि श्री झण्डा जी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री दरबार साहिब परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी, पुष्प सज्जा और भव्य प्रवेश द्वारों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि होली के बाद देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन और तेज हो जाएगा, जिससे पूरा देहरादून आस्था और उत्सव के रंग में रंग जाएगा। 7 मार्च को परंपरा अनुसार पूरब की संगत की विदाई होगी, जबकि 8 मार्च को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में श्री झण्डे जी के भव्य आरोहण के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा।
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्री झण्डा जी मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सेवा भावना और सांस्कृतिक एकता का संदेश देने वाला एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन साबित होने जा रहा है, जिसका श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे




