By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा
Share
Notification Show More
Latest News
देहरादून एयरपोर्ट पर शुरू हुई DG यात्रा 
उत्तराखंड
बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा
उत्तराखंड
चारधाम यात्रा में जरूरत पड़ने पर चूल्हों से चलेगा काम
उत्तराखंड
कुमाऊँ–गढ़वाल रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने की पहल, सीएम धामी ने रेल मंत्री से की अहम मुलाकात
उत्तराखंड
ओडिशा के रघुराजपुर में भी  दिखी कुमाऊं की सांस्कृतिक आत्मा, पट्टाचित्र में झलकी ‘ऐपण’ 
पर्यटन
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा
उत्तराखंड

बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा

Web Editor
Last updated: 2026/03/30 at 3:04 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

 

Spiritual Economic Zone in Uttarakhand: Belkedar & Shyamtal Selected

देहरादून, 30 March 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में दो प्रमुख स्थलों का चयन कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि टिहरी जिले में बेलकेदार-अंजनीसैंण और चंपावत जिले में लोहाघाट-श्यामताल को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार की योजना इन क्षेत्रों को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित न रखते हुए समग्र आध्यात्मिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और धार्मिक अनुष्ठानों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को भी इस मॉडल से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिलेगी।
इन जोनों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कृषि उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को बाजार से जोड़ने पर है। इससे ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के प्रयास सफल रहे हैं। पहले जहां सर्दियों में तीर्थस्थलों पर गतिविधियां सीमित हो जाती थीं, वहीं अब श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और स्थानीय कारोबार को सीधा लाभ मिल रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को भी समानांतर रूप से विकसित कर रही है। रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। इससे पर्यटन का दायरा केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित न रहकर व्यापक रूप ले रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की यह अवधारणा उत्तराखंड के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे राज्य की पहचान एक बहुआयामी पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगी, जहां आध्यात्मिकता और अर्थव्यवस्था का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

 

आदि कैलाश यात्रा में जबरदस्त उछाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में जहां 1761 यात्री पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 36,453 हो गई, जो लगभग 20 गुना वृद्धि है। बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने हेली सेवा भी शुरू की है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आकर्षक बन गई है।

You Might Also Like

देहरादून एयरपोर्ट पर शुरू हुई DG यात्रा 

चारधाम यात्रा में जरूरत पड़ने पर चूल्हों से चलेगा काम

कुमाऊँ–गढ़वाल रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने की पहल, सीएम धामी ने रेल मंत्री से की अहम मुलाकात

एसजीआरआर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन, वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

शादी-ब्याह के लिए मिलेंगे दो व्यावसायिक गैस सिलेंडर

TAGGED: local economy, Uttarakhand government selects Belkedar in Tehri and Shyamtal in Champawat for Spiritual Economic Zones to boost tourism, yoga and wellness activities.
Web Editor March 30, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article चारधाम यात्रा में जरूरत पड़ने पर चूल्हों से चलेगा काम
Next Article देहरादून एयरपोर्ट पर शुरू हुई DG यात्रा 
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

देहरादून एयरपोर्ट पर शुरू हुई DG यात्रा 
उत्तराखंड March 30, 2026
बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा
उत्तराखंड March 30, 2026
चारधाम यात्रा में जरूरत पड़ने पर चूल्हों से चलेगा काम
उत्तराखंड March 29, 2026
कुमाऊँ–गढ़वाल रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने की पहल, सीएम धामी ने रेल मंत्री से की अहम मुलाकात
उत्तराखंड March 29, 2026

Recent Posts

  • देहरादून एयरपोर्ट पर शुरू हुई DG यात्रा 
  • बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा
  • चारधाम यात्रा में जरूरत पड़ने पर चूल्हों से चलेगा काम
  • कुमाऊँ–गढ़वाल रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने की पहल, सीएम धामी ने रेल मंत्री से की अहम मुलाकात
  • ओडिशा के रघुराजपुर में भी  दिखी कुमाऊं की सांस्कृतिक आत्मा, पट्टाचित्र में झलकी ‘ऐपण’ 

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,072)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,969)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,469)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,340)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,255)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?