No Electricity Tariff Hike in Uttarakhand for 2026-27, 28 Lakh Consumers Get Relief
देहरादून, 31 March 2026। उत्तराखंड के करीब 28 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित 18.86 प्रतिशत वृद्धि को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए दरें यथावत रखी गई हैं। स्थायी शुल्क (फिक्स्ड चार्ज), जो हर महीने लिया जाता है, और डिमांड चार्ज, जो अधिकतम खपत पर आधारित होता है—दोनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, टैरिफ संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ श्रेणियों में मामूली संशोधन जरूर किए गए हैं।
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने बताया कि यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल ने दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसे उपयुक्त नहीं पाया गया। आयोग ने क्रॉस-सब्सिडी को राष्ट्रीय टैरिफ नीति के निर्धारित दायरे (±20%) के भीतर ही बनाए रखा है, जिससे विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलन बना रहे।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, सिंगल पॉइंट बल्क सप्लाई की दर 7.50 रुपये से घटाकर 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जिससे बड़े उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र को भी आंशिक राहत देते हुए लोड फैक्टर के आधार पर दरों में संशोधन किया गया है। 50 प्रतिशत से अधिक उपयोग करने वाले उद्योगों के लिए दर घटाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा
सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। 25 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 22.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। साथ ही, निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए लिया जाने वाला अधिभार भी 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
घरेलू दरें (यथावत)
0–100 यूनिट: ₹3.65 प्रति यूनिट
101–200 यूनिट: ₹5.25 प्रति यूनिट
201–400 यूनिट: ₹7.15 प्रति यूनिट
400 यूनिट से अधिक: ₹7.80 प्रति यूनिट
कुल मिलाकर, चुनावी वर्ष में आयोग के इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिली है और बिजली दरों का बोझ बढ़ने से बच गया है।




