Lightning and Heatwave Declared National Disasters, States to Get Central Aid
देहरादून,03 February 2026। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्यों के लिए एक अहम राहत भरा फैसला लिया गया है। हीटवेव (लू) और आकाशीय बिजली को अब राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित आपदाओं की सूची में शामिल कर लिया गया है। सोलहवें वित्त आयोग की इस महत्वपूर्ण सिफारिश को केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है, जिससे उत्तराखंड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्यों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में बीते कुछ वर्षों के दौरान मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय जिलों में भी अत्यधिक गर्मी और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इन आपदाओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हो रहा है। अब तक लू और आकाशीय बिजली को अधिसूचित आपदा का दर्जा न मिलने के कारण राज्यों को इन घटनाओं में सीमित संसाधनों से ही राहत और मुआवजा देना पड़ता था।
अधिसूचना के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। अब इन दोनों आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकारों को केंद्र सरकार से सीधे सहायता मिल सकेगी। इससे प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा, राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। खास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में यह फैसला राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते हीटवेव और आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं। ऐसे में इन्हें आपदा की आधिकारिक श्रेणी में शामिल किया जाना दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। इससे न केवल राहत प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि आपदा प्रबंधन की योजना और बजट प्रावधान भी अधिक सुदृढ़ हो सकेंगे।


