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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > रेल सुरक्षा: उत्तराखंड में 54 ‘कवच’ स्वीकृत
उत्तराखंड

रेल सुरक्षा: उत्तराखंड में 54 ‘कवच’ स्वीकृत

Web Editor
Last updated: 2026/02/02 at 7:00 PM
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Railway Safety Boost in Uttarakhand: 54 Kavach Systems Approved

देहरादून, 03 February 2026 । केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उत्तराखंड में रेल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस और आधुनिक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब तक राज्य के विभिन्न रेल खंडों पर कुल 54 ‘कवच’ सिस्टम स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तराखंड के रेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्तमान रेल बजट में राज्य को 4769 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जो 2009 से 2014 के बीच मिले 187 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 26 गुना अधिक है। उन्होंने इस बढ़े हुए बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को श्रेय देते हुए कहा कि सरकार का स्पष्ट फोकस अब केवल कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर भी है।

क्या है ‘कवच’?

कवच भारतीय रेलवे द्वारा विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं को रोकना और मानवीय भूल की संभावना को न्यूनतम करना है। यह सिस्टम सिग्नल की अनदेखी, आमने-सामने की टक्कर और तय सीमा से अधिक गति की स्थिति में अपने-आप ट्रेन पर ब्रेक लगा देता है। खासतौर पर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में, जहां दृश्यता और भौगोलिक चुनौतियां अधिक होती हैं, वहां कवच यात्रियों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है।
रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में चल रही बड़ी रेल परियोजनाओं—जिनकी कुल लागत करीब 39,491 करोड़ रुपये है—में ट्रैक निर्माण, स्टेशन रीडेवलपमेंट के साथ-साथ सुरक्षा ढांचे को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। अमृत स्टेशन योजना के तहत 11 स्टेशनों का आधुनिकीकरण और नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ कवच जैसी तकनीकों का विस्तार रेलवे को भविष्य के लिए और अधिक सुरक्षित बना रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत बजट और निरंतर निगरानी के जरिए उत्तराखंड में रेलवे को दुर्घटना-मुक्त और भरोसेमंद परिवहन माध्यम के रूप में स्थापित किया जाए।

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