पुणे हत्याकांड में इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से चौंकी पुलिस
PUNE,06 JULY 2026। क्या एक चर्चित हत्याकांड की कहानी दूसरे मर्डर की साजिश का आधार बन सकती है? पुणे के लोहगढ़ किले पर हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने जांच का रुख बदल दिया है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल वारदात से पहले इंटरनेट पर लगातार चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरें और जानकारी खंगाल रही थी।
जांच के दौरान पुलिस ने सिया के घर से एक छिपाया गया दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस के अनुसार, इसी फोन की सर्च हिस्ट्री से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिया ने इंटरनेट पर राजा रघुवंशी हत्याकांड के घटनाक्रम को विस्तार से पढ़ा और कथित तौर पर उसी तरह की योजना बनाने की कोशिश की।
पुलिस हिरासत को लेकर भी किए सर्च
पुलिस के मुताबिक, सिया ने गूगल पर यह भी खोजा था कि “क्या पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ मारपीट होती है?” जांच अधिकारियों का मानना है कि यह सर्च इस ओर इशारा करता है कि वह वारदात से पहले ही गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की आशंका को लेकर जानकारी जुटा रही थी।
दोनों मामलों में दिख रही समानता
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में कुछ समान परिस्थितियां सामने आई हैं। आरोप है कि 18 जून को सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को घूमने के बहाने पुणे के लोहगढ़ किले ले गई और वहां करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी।
हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इंटरनेट पर किसी मामले की जानकारी पढ़ना अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है। जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
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