प्रवासी उत्तराखंडियों से मुख्यमंत्री का भावुक संवाद, कहा- दुनिया में आप ही उत्तराखंड के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर
Mumbai, 06 july 206। मुंबई की चकाचौंध के बीच जब उत्तराखंड के लोकगीत, बोली और संस्कृति की गूंज सुनाई दी तो माहौल भावनाओं से भर उठा। प्रवासी उत्तराखंडवासियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश-दुनिया में बसे उत्तराखंडवासी केवल प्रवासी नहीं, बल्कि देवभूमि की पहचान और गौरव के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर हैं। उनके इस संबोधन पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीलों की दूरी रिश्तों और भावनाओं को कभी कम नहीं कर सकती। उत्तराखंड से दूर रहकर भी प्रवासी समाज अपनी मेहनत, ईमानदारी और उपलब्धियों से राज्य का नाम रोशन कर रहा है। यही जुड़ाव नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़े हुए है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन कर प्रवासी समाज की प्रतिभा और अनुभव को राज्य के विकास से जोड़ा है। आज देश-विदेश में बसे उत्तराखंडवासी निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 27 प्रवासियों ने 29 पैतृक गांव गोद लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने को मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल विकास की राह पर नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी दृढ़ संकल्पित है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी पहलें इसी सोच का हिस्सा हैं।
अंत में धामी ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव, निवेश और सामाजिक योगदान से मातृभूमि का हाथ थामे रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और प्रवासी समाज के साझा प्रयासों से उत्तराखंड आत्मनिर्भर, समृद्ध और देश का अग्रणी राज्य बनेगा। सम्मेलन में मौजूद प्रवासियों ने भी राज्य के विकास में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प दोहराया।
बॉक्स: स्टार्टअप से निवेश तक, उपलब्धियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में पहला स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स श्रेणी मिली है। उन्होंने बताया कि 3.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
बॉक्स: गांव लौट रही है जवानी
धामी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज, एक जनपद-दो उत्पाद, मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत दी है। पर्यटन के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों से रिवर्स पलायन को भी गति मिली है।




