By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: सड़कों पर उतरेंगी विशेष नियोनेटल एंबुलेंस
Share
Notification Show More
Latest News
देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
उत्तराखंड देश-विदेश
उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
उत्तराखंड
मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
उत्तराखंड
पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
उत्तराखंड
तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > सड़कों पर उतरेंगी विशेष नियोनेटल एंबुलेंस
उत्तराखंड

सड़कों पर उतरेंगी विशेष नियोनेटल एंबुलेंस

Web Editor
Last updated: 2026/07/03 at 4:24 PM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Dehradun, 04 July 2026। समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पहली बार नियोनेटल रोड एंबुलेंस (विशेष नवजात एंबुलेंस) का प्रावधान करते हुए एंबुलेंस मानक एआईएस-125 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। नए मानकों के लागू होने के बाद सड़क पर ऐसी विशेष एंबुलेंस संचालित होंगी, जिनमें नवजात शिशुओं के इलाज के लिए अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध होंगे।

वर्तमान में छोटे शहरों और जिला अस्पतालों में जन्मे गंभीर या प्री-मैच्योर नवजातों को उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए सामान्य एंबुलेंस का उपयोग किया जाता है, जिनमें आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव होता है। नए प्रस्ताव के तहत बनने वाली विशेष एंबुलेंस में इन्क्यूबेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य जरूरी जीवनरक्षक उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि अस्पताल पहुंचने तक भी शिशु का उपचार लगातार जारी रह सके।

मंत्रालय का मानना है कि सड़क एंबुलेंस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि गंभीर मरीजों को दुर्घटना या आपात स्थिति के बाद पहले एक घंटे के भीतर उचित इलाज मिल जाए तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। इसी उद्देश्य से एंबुलेंस को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और जरूरत के अनुरूप बनाने की दिशा में यह संशोधन किया जा रहा है।

मसौदे में बी, सी और डी श्रेणी की सभी रोड एंबुलेंस में आधुनिक रेस्क्यू उपकरण अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। इन उपकरणों की मदद से सड़क दुर्घटनाओं में वाहनों में फंसे लोगों को तेजी से बाहर निकाला जा सकेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक एंबुलेंस में चिकित्सा उपकरणों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए अलग पावर सोर्स की व्यवस्था भी की जाएगी।

ये मानक केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि देशभर में बनने वाली सभी नई रोड एंबुलेंस पर लागू किए जाएंगे। मंत्रालय ने मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है। सुझावों पर विचार के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी।

उत्तराखंड के लिए क्यों अहम?

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दूरस्थ गांवों से गंभीर या समय से पहले जन्मे नवजातों को देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश या अन्य बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। बारिश, भूस्खलन और दुर्गम सड़कों के कारण जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष नियोनेटल एंबुलेंस सफर के दौरान ही इलाज उपलब्ध कराकर नवजातों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

बॉक्स: मल्टी-स्ट्रेचर एंबुलेंस भी आएंगी

मसौदे में मल्टी-स्ट्रेचर रोड एंबुलेंस का भी प्रावधान किया गया है। इन एंबुलेंस में एक साथ कई मरीजों को ले जाया जा सकेगा। बड़े सड़क हादसों, प्राकृतिक आपदाओं और सामूहिक दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में इनका उपयोग काफी प्रभावी माना जा रहा है।

You Might Also Like

देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 

उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प

मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश

पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 

तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर

TAGGED: Neonatal Road Ambulance: India Proposes Special Ambulances for Newborn Care
Web Editor July 3, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article कालागढ़ में हाथी ने घर और बाइकें तोड़ीं, लोग दहशत में
Next Article पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से युवाओं का बढ़ा भरोसा, 187 चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
उत्तराखंड देश-विदेश August 20, 2026
उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
उत्तराखंड August 19, 2026
मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
उत्तराखंड August 19, 2026
पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
उत्तराखंड August 19, 2026

Recent Posts

  • देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
  • उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
  • मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
  • पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
  • तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,023)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,886)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,385)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,283)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (5,083)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?