मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगेगी लगाम, वन अपराधों पर भी होगी सख्त निगरानी
देहरादून, लोकसत्य। उत्तराखंड में बाघों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच उनके संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड एवं राज्य बाघ संरक्षण संचालन समिति की बैठक में राजाजी टाइगर रिजर्व में भी टाइगर टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया गया। अभी तक यह व्यवस्था केवल कार्बेट टाइगर रिजर्व में लागू है।
नई टाइगर टास्क फोर्स बाघों की निगरानी, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, रेस्क्यू अभियान और आपात स्थितियों में वन विभाग की सहायता करेगी। इसका उद्देश्य बाघों के संरक्षण को और मजबूत बनाते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करना है। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
बैठक में बताया गया कि राज्य के 55.5 प्रतिशत बाघ कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में रहते हैं, जबकि 44.5 प्रतिशत बाघ अन्य वन क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। संरक्षित क्षेत्रों से बाहर निकलने वाले बाघों के कारण कई इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए राजाजी में टाइगर टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीताबनी, झिलमिल, कालाढूंगी, सुरई और नंधौर जैसे क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।
बॉक्स: उत्तराखंड बना बाघ संरक्षण का मजबूत गढ़
वर्ष 2006 से 2022 के बीच उत्तराखंड में बाघों की संख्या में 215 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि देशभर में यह वृद्धि 160 प्रतिशत रही। वर्तमान में प्रदेश में 560 बाघ हैं, जिनमें से 260 बाघ केवल कार्बेट टाइगर रिजर्व में पाए जाते हैं। बाघों की संख्या और घनत्व के मामले में कार्बेट देश में शीर्ष स्थान पर है।
बॉक्स: वन कर्मियों को मिलेगा ‘संरक्षित क्षेत्र भत्ता’
बैठक में संरक्षित क्षेत्रों में तैनात वन कर्मियों को ‘संरक्षित क्षेत्र भत्ता’ देने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके अलावा वन्यजीव अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ वन्यजीव अधिकारियों को अधिक अधिकार देने और वन्यजीव सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।




