Dehradun, 24 july 2026। उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती देने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील वन क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कैमरा ट्रैप, ड्रोन और अन्य तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का विस्तार किया जाए, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखी जा सके और संभावित खतरों का समय रहते पता लगाया जा सके।
सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संरक्षण संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इसलिए संरक्षण कार्यों में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील वन क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप नेटवर्क को और मजबूत किया जाए तथा एआई आधारित प्रणाली के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए। उन्होंने दुर्गम और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया। साथ ही वनाग्नि प्रबंधन में भी तकनीक आधारित प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) पहले से सक्रिय हैं। इनके अलावा कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने, वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव हमलों में मृतकों और घायलों के परिजनों को तय मानकों के अनुसार समयबद्ध मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और जनसहभागिता के माध्यम से उत्तराखंड को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।
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