By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: विदेशियों को लुभाएगा उत्‍तराखंड का मत्‍स्‍य पर्यटन
Share
Notification Show More
Latest News
अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’
उत्तराखंड
श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ
स्वास्थ्य
कार्बेट के जंगलों में फिर गूंजी इंसानी-सी चीख
उत्तराखंड
उत्तराखंड के शहरों में बुनियादी सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार
उत्तराखंड
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > Uncategorized > विदेशियों को लुभाएगा उत्‍तराखंड का मत्‍स्‍य पर्यटन
Uncategorized

विदेशियों को लुभाएगा उत्‍तराखंड का मत्‍स्‍य पर्यटन

Web Editor
Last updated: 2025/03/23 at 3:26 AM
Web Editor
Share
5 Min Read
SHARE

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग की गेेम चेंजर योजनाओं को स्वरोजगार सृजन के साथ आर्थिकी को बढ़़ावा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि विभाग की ट्राउट प्रोत्साहन योजना, पर्वतीय जनपदों में रोजगार सृजन का कारगर माध्यम बन सकता है। उन्होंने इसके लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा तैयार की गई कार्य योजना के प्रभावी अनुश्रवण के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड नमामि गंगा एक्वेटिक सेंटर की स्थापना में भी तेजी लाए जाने को कहा ताकि मत्स्य प्रजातियों को संरक्षित करने के साथ विदेशी मत्स्य पर्यटकों को इस ओर आकर्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना में भी तेजी लाए जाने को कहा ताकि मत्स्य विभाग की गतिविधियों के लिए एक प्रभावी केंद्र उपलब्ध हो सके इससे भी रोजगार के और अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग अपनी कार्य योजना के क्रियान्वयन पर ध्यान दें, ताकि विभिन्न प्रजाति के मत्स्य उत्पादन गुणवत्ता युक्त मछली की उपलब्धता नई मत्स्य प्रजातियों के बीज उत्पादन एवं विकास के साथ मत्स्य पर्यटन को भी बढावा मिल सके।

बैठक में बताया गया कि ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 170 करोड़ का वित्तीय प्राविधान किया गया जिसमें 600 टन ट्राउट मत्स्य उत्पादन, 75 लाख ट्राउट सीड़ उत्पादन के साथ 600 प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। जबकि इंटिग्रेटेड एक्वेटिक सेंटर की स्थापना के लिए 250 करोड़ का बजटीय प्राविधान किया गया है इसके तहत मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण तथा मत्स्य पर्यटन के प्रति विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किए जाने की योजना है। इसके तहत एक्वा गैलरी के साथ मत्स्य विभाग से संबंधित कई अन्य योजनाओं का विकास किया जाएगा। राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क हेतु 53.39 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है जिसके तहत 5100 टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन के साथ नई मत्स्य प्रजातियों एवं गुणवत्ता युक्त मछली उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईटीबीपी को की जा रही जीवित बकरी, भेड़, कुक्कुट, ट्राउट मछली की आपूर्ति की व्यवस्था संबंधी अनुबंध की भांति सेना को भी शामिल किए जाने के लिए कार्य करने के लिए कहा। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ उत्पादकों की आर्थिकी मजबूत होगी। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों तथा पशुपालकों की समस्याओं के समाधान की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्राम्य गौ सेवक योजना तथा गो सदनों के निर्माण में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। इस संबंध में जानकारी दी गई कि अक्टूबर 2024 तक जीवित बकरी, भेड़, कुक्कुट एवं मछली की 800 मीट्रिक टन आपूर्ति की गई। राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ के रिवॉल्ंिवग फंड की भी व्यवस्था की गई है। 10 सहकारी समितियों व किसान उत्पादक संगठनों के 253 पशुपालक लाभान्वित किए गए जबकि नवंबर 2024 तक किसानों को 1.60 करोड़ डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया। इस अवधि में 6455 किलोग्राम ट्राउट मछली 22735 किग्रा. जीवित कुक्कुट 33536 किग्रा. जीवित भेड़ बकरी की आपूर्ति की गई।

मुख्यमंत्री ने डेरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादक किसानों को आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराए जाने पर भी ध्यान देने को कहा इसके लिए बायो गैस संयंत्रों की स्थापना पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य के समय पर भुगतान की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए है।

मुख्यमंत्री ने गन्ना चीनी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए चीनी मिलों के आधुनिकीकरण तथा गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य के भुगतान की स्थिती की भी जानकारी ली।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. बी वी आर सी पुरूषोत्तम, श्री वी षणमुगम, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

You Might Also Like

एआई से बदली ग्राम सरकार की तस्वीर: उत्तराखंड की 5300 से ज्यादा पंचायतें हुईं स्मार्ट

पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में लैंडिंग के दौरान 

एआई से बदलेगी फैशन डिजाइन की दुनिया, ‘फ्लोरा’ और ‘नेरा’ ने रचा इतिहास

राष्ट्रपति भवन के एट होम में छाए जख्या आलू और झंगोरे की खीर 

कोटद्वार में हाथी के हमले से बुजुर्ग की मौत, वन्यजीव आतंक से दहशत

TAGGED: Uttarakhand's fishing tourism will attract foreigners
Web Editor March 23, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article तीन वर्ष पूरे होने पर सीएम ने साझा कीं प्राथमिकताएं, कहा भ्रष्टाचार व अतिक्रमण जारी रहेगा प्रहार
Next Article औली, चौकोरी व मुन्स्यारी जैसे पर्यटक स्थलों पर विशेष फोकस
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’
उत्तराखंड February 19, 2026
श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ
स्वास्थ्य February 18, 2026
कार्बेट के जंगलों में फिर गूंजी इंसानी-सी चीख
उत्तराखंड February 16, 2026
उत्तराखंड के शहरों में बुनियादी सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार
उत्तराखंड February 16, 2026

Recent Posts

  • अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’
  • श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ
  • कार्बेट के जंगलों में फिर गूंजी इंसानी-सी चीख
  • उत्तराखंड के शहरों में बुनियादी सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार
  • 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (5,983)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,895)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,385)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,251)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,186)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?