CM Pushkar Singh Dhami at Uttarayani Kauthig Festival Closing in Dehradun
देहरादून, 09 February 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला-प्रेमियों और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए आयोजन को उत्तराखंड की लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक कलाएं, परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक पहचान नई पीढ़ी तक जीवंत रूप में पहुंच रही हैं। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सेवा संकल्प फाउंडेशन, इसकी संस्थापक गीता धामी और आयोजन समिति की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़ जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव, झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य राज्य की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के आकर्षक प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों से सांस्कृतिक संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते साढ़े चार वर्षों में राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। पर्यटन, स्टार्टअप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी राज्य को राष्ट्रीय पहचान मिली है। लोक कलाकारों के लिए पेंशन, आर्थिक सहायता और गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण जैसी योजनाएं सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि यह महोत्सव पूरे राज्य की संस्कृति का सामूहिक उत्सव है, जिसने युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


