By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: मौसम की हर हलचल पर मिथुना की पैनी नजर
Share
Notification Show More
Latest News
चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर फोकस, खाद्य विभाग ने बनाई व्यापक रणनीति
उत्तराखंड
धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
क्राइम
रोड रेज मामले में सख्ती, दो अधिकारी निलंबित
उत्तराखंड क्राइम
ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को केंद्र की मंजूरी, 1105 करोड़ की परियोजना को मिली हरी झंडी
उत्तराखंड
राहत की खबर: उत्तराखंड में बिजली दरें जस की तस, बढ़ोतरी प्रस्ताव खारिज
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > मौसम की हर हलचल पर मिथुना की पैनी नजर
उत्तराखंड

मौसम की हर हलचल पर मिथुना की पैनी नजर

Web Editor
Last updated: 2026/02/14 at 3:10 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Mithuna-FS Weather Forecasting System Gives Early Warnings to Uttarakhand

देहरादून, 14 February 2026 : अब मौसम के मिजाज को समझना पहले से कहीं ज्यादा आसान और भरोसेमंद हो गया है। भारत की नई पीढ़ी की पूर्वानुमान तकनीक मिथुना पूर्वानुमान प्रणाली (मिथुना-एफएस) बदलते मौसम के हर संकेत को बारीकी से पढ़ रही है। बादलों की चाल, भारी बारिश, हीट वेव से लेकर तेज तूफानों तक—यह प्रणाली मौसम के हर बदलाव पर नजर रखते हुए समयपूर्व चेतावनी देने में सक्षम बन चुकी है।
मिथुना-एफएस एक अत्याधुनिक वैश्विक संयुक्त मौसम मॉडल है, जिसमें वायुमंडल, महासागर, भूमि सतह और समुद्री बर्फ—चारों घटकों का एक साथ विश्लेषण किया जाता है। इसमें उन्नत भौतिकी और आधुनिक डेटा समेकन तकनीक का उपयोग होता है। उपग्रह, डॉप्लर रडार, स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस), प्रोफाइलर और महासागरीय प्रणालियों से मिलने वाले विशाल आंकड़ों को यह एकीकृत कर अधिक सटीक अनुमान तैयार करता है।
वर्ष 2024–25 के दौरान परीक्षण और प्री-ऑपरेशनल चरणों से गुजरने के बाद यह प्रणाली अब देश की नियमित मौसम चेतावनी व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है। फिलहाल मिथुना-एफएस 12 किलोमीटर रेजोल्यूशन पर काम कर रही है, यानी पूरे क्षेत्र को 12×12 किलोमीटर के हिस्सों में बांटकर हर इलाके का अलग-अलग मौसम आकलन किया जाता है। इससे यह साफ पता चल पाता है कि कहां तेज बारिश होगी, कहां हल्की वर्षा रहेगी और किस क्षेत्र में गरज-चमक या तूफान का खतरा है।
पर्वतीय और आपदा-संवेदनशील राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रणाली बेहद उपयोगी साबित हो रही है। यहां कुछ ही किलोमीटर में मौसम बदल जाता है और अचानक बादल फटना, भूस्खलन या मूसलाधार बारिश जैसी घटनाएं सामने आती हैं। मिथुना-एफएस के जरिए अब स्थान-विशिष्ट और समयपूर्व चेतावनियां जारी की जा रही हैं, जिससे आपदा प्रबंधन, प्रशासन, कृषि, सड़क व्यवस्था और तीर्थयात्रा संचालन को पहले से तैयारी का अवसर मिल रहा है।
यह पूरी मौसम चेतावनी व्यवस्था भारत मौसम विभाग द्वारा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के ‘मिशन मौसम’ के तहत संचालित की जा रही है। मिशन का उद्देश्य भारत को “मौसम-तैयार और जलवायु-स्मार्ट” राष्ट्र बनाना है। 5 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, मिथुना-एफएस अब देश की मौसम चेतावनी प्रणाली की मजबूत रीढ़ बन चुकी है, जिससे उत्तराखंड सहित पूरे देश में जान-माल की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

 

 

उत्तराखंड में डॉप्लर मौसम रडार की भूमिका

उत्तराखंड में वास्तविक समय मौसम निगरानी के लिए डॉप्लर वेदर रडार (डीडब्ल्यूआर) अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये रडार बादलों की गति, वर्षा की तीव्रता और गरज-चमक वाले तूफानों की सटीक जानकारी देते हैं। देशभर में सक्रिय 47 डॉप्लर मौसम रडार के जरिए लगभग 87 प्रतिशत क्षेत्र को कवरेज मिल चुका है। उत्तराखंड से मिलने वाला रडार डेटा मिथुना-एफएस जैसे उन्नत मॉडलों में शामिल किया जाता है, जिससे पर्वतीय इलाकों में अचानक आने वाली चरम मौसम घटनाओं की पहले से चेतावनी देना संभव हो पाया है।

You Might Also Like

चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर फोकस, खाद्य विभाग ने बनाई व्यापक रणनीति

रोड रेज मामले में सख्ती, दो अधिकारी निलंबित

ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को केंद्र की मंजूरी, 1105 करोड़ की परियोजना को मिली हरी झंडी

राहत की खबर: उत्तराखंड में बिजली दरें जस की तस, बढ़ोतरी प्रस्ताव खारिज

Kedarnath के लिए 8 हेली ऑपरेटर तय, किराये में मामूली संशोधन

TAGGED: and climate-related disasters., helping reduce risks from heavy rainfall, India’s next-generation Mithuna-FS weather forecasting system is improving early and location-specific weather warnings in Uttarakhand, storms
Web Editor February 14, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article औली में नेशनल हिमक्रीड़ा स्कीइंग विंटर कार्निवल की धूम 
Next Article अल्मोड़ा में किशोरी से दुष्कर्म, मुरादाबाद का रहने वाला युवक गिरफ्तार
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर फोकस, खाद्य विभाग ने बनाई व्यापक रणनीति
उत्तराखंड April 1, 2026
धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
क्राइम April 1, 2026
रोड रेज मामले में सख्ती, दो अधिकारी निलंबित
उत्तराखंड क्राइम March 31, 2026
ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को केंद्र की मंजूरी, 1105 करोड़ की परियोजना को मिली हरी झंडी
उत्तराखंड March 31, 2026

Recent Posts

  • चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर फोकस, खाद्य विभाग ने बनाई व्यापक रणनीति
  • धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
  • रोड रेज मामले में सख्ती, दो अधिकारी निलंबित
  • ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को केंद्र की मंजूरी, 1105 करोड़ की परियोजना को मिली हरी झंडी
  • राहत की खबर: उत्तराखंड में बिजली दरें जस की तस, बढ़ोतरी प्रस्ताव खारिज

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,078)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,973)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,473)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,343)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,259)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?