Patarampur Jungle Safari Opens in Uttarakhand, Boost to Adventure Tourism
जसपुर, 20 February 2026 । उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जंगल सफारी के दायरे का विस्तार किया गया है। इसी कड़ी में पतारामपुर वन क्षेत्र को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है, जिससे प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कॉर्बेट नेशनल पार्क और अमानगढ़ के बाद अब यह क्षेत्र भी तेजी से एक नए सफारी डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।
यहां आने वाले पर्यटक जिप्सी के जरिए तय किए गए फोटो रेंज तक जंगल भ्रमण कर सकेंगे और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में करीब से देखने का अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। घने जंगल, हरियाली और समृद्ध जैव विविधता इस क्षेत्र को खास बनाते हैं।
पतारामपुर गेट का उद्घाटन वन मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद अजय भट्ट ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान उन्होंने जिप्सियों को हरी झंडी दिखाकर सफारी संचालन की औपचारिक शुरुआत की। अधिकारियों का मानना है कि यह क्षेत्र आने वाले समय में पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय होगा।
वन विभाग की योजना है कि पतारामपुर को भविष्य में ढिकाला जोन की तर्ज पर विकसित किया जाए। इसके तहत यहां बेहतर आधारभूत सुविधाएं, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित नेचर गाइड्स की तैनाती की जाएगी, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
इसके अलावा, भविष्य में तुमड़िया डैम क्षेत्र में रिवर सफारी और बर्ड वॉचिंग जैसी गतिविधियों को भी शामिल करने की तैयारी है। इससे यह इलाका एडवेंचर और इको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
नई सफारी शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के पर्यटन उद्योग को भी इसका लाभ मिलेगा।
सफारी संचालन के लिए यहां चार गेट विकसित किए गए हैं, जिससे पर्यटकों को अलग-अलग रूट्स का विकल्प मिलेगा। प्रत्येक सफारी के लिए छह पर्यटकों का परमिट शुल्क 1650 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि जिप्सी का किराया अलग से देना होगा। जिप्सी केवल निर्धारित क्षेत्र तक ही संचालित होंगी, ताकि पर्यावरण और वन्यजीवों पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।


