CAG Flags Flaws in Dehradun Smart School Project Under Smart City Mission
देहरादून, 11 March 2026 । स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देहरादून में लागू स्मार्ट स्कूल परियोजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सरकारी स्कूलों में स्थापित कई स्मार्ट सुविधाएं बिजली बिल का खर्च वहन न कर पाने के कारण लंबे समय तक उपयोग में नहीं आ सकीं।
रिपोर्ट के अनुसार देहरादून के तीन सरकारी विद्यालयों में लगभग 5.91 करोड़ रुपये की लागत से इंटरैक्टिव बोर्ड, कंप्यूटर लैब, प्रोजेक्टर, ई-कंटेंट, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई थीं। इनका उद्देश्य स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना था, लेकिन बिजली बिल अधिक आने के कारण स्कूल प्रशासन इन प्रणालियों का नियमित संचालन नहीं कर पाया। परिणामस्वरूप कई उपकरण लंबे समय तक निष्क्रिय पड़े रहे।
कैग की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्मार्ट सिटी मिशन की अन्य परियोजनाएं भी स्थायी राजस्व मॉडल के अभाव में चुनौतियों से जूझ रही हैं। दून इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ई-बस जैसी परियोजनाएं विज्ञापन, स्मार्ट वाई-फाई और ई-गवर्नेंस सेवाओं से अपेक्षित आय प्राप्त नहीं कर सकीं, जिससे इनके संचालन की स्थिरता प्रभावित हुई।
इसके अलावा 2.62 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए पर्यावरण सेंसर और 3.24 करोड़ रुपये की मल्टी यूटिलिटी डक्ट परियोजना में भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। स्मार्ट रोड परियोजना के तहत कैरिजवे के समान क्रॉस सेक्शन और पैदल यात्रियों के लिए समर्पित मार्ग जैसे प्रावधान भी पूरी तरह लागू नहीं किए जा सके।
लेखापरीक्षा के दौरान वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। रिपोर्ट में बताया गया है कि परियोजनाओं के दौरान 6.20 करोड़ रुपये के ब्याज की हानि हुई, जबकि मोबिलाइजेशन अग्रिम पर 0.81 करोड़ रुपये का ब्याज भी वसूल नहीं किया गया।
कैग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड में पूर्णकालिक शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति न होने से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और गुणवत्ता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हुईं। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भविष्य में परियोजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर समन्वय और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत की जाए।




