Over 7,000 Km Roads Made Pothole-Free in Uttarakhand Under Special PWD Drive
गैरसैंण, 11 March 2026। प्रदेश में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने और यातायात को सुगम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने व्यापक स्तर पर सड़क मरम्मत अभियान चलाया है। सरकार के निर्देश पर वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है।
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून से पहले ही सड़कों की मरम्मत का विशेष अभियान शुरू कर दिया गया था। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर गड्ढों को भरने और सड़क सतह को समतल करने का कार्य तेजी से किया गया।
अभियान के पहले चरण में 3134 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। मानसून के दौरान बारिश से सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए विभाग ने बारिश के बाद भी मरम्मत कार्य जारी रखा। 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त किया गया। इस प्रकार दोनों चरणों को मिलाकर प्रदेश में कुल सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त बनाई जा चुकी हैं।
इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने और सड़क की सतह को समतल करने पर विशेष ध्यान दिया गया। हरिद्वार जनपद में ही 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को काफी राहत मिली है। सरकार का कहना है कि सड़क नेटवर्क की स्थिति सुधारने से परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और आम लोगों की आवाजाही भी आसान बनेगी।
बॉक्स: चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण
प्रदेश में ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए बीते चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है। राज्य में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायतीराज विभाग ने अभियान चलाकर इन भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज की, जिसके तहत अब तक 819 भवनों का निर्माण या पुनर्निर्माण पूरा किया जा चुका है।
बॉक्स: रोपवे परियोजनाओं को मिल रही रफ्तार
प्रदेश में तीर्थ और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है। पर्यटन मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन पीपीपी मोड में शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा चम्पावत जिले में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे निर्माणाधीन है। वहीं उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।




