By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: गैस संकट ने बदली तस्वीर: कुम्हारों के चूल्हे-तंदूर बने सहारा
Share
Notification Show More
Latest News
देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्लान
उत्तराखंड
चारधाम यात्रा: हेली सेवा की फर्जी बुकिंग पर सख्ती, STF की बड़ी तैयारी
उत्तराखंड
देहरादून में माइक्रो भूकंप अध्ययन की तैयारी
उत्तराखंड
देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, एक घंटे में तय होगी दूरी
उत्तराखंड
उत्तराखंड में निजी संपत्ति नुकसान पर भी होगी वसूली
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > गैस संकट ने बदली तस्वीर: कुम्हारों के चूल्हे-तंदूर बने सहारा
उत्तराखंड

गैस संकट ने बदली तस्वीर: कुम्हारों के चूल्हे-तंदूर बने सहारा

Web Editor
Last updated: 2026/03/21 at 3:09 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Gas Shortage Turns Boon for Potters as Clay Ovens Demand Rises in Haridwar

देहरादून, 21 March 2026 । धर्मनगरी में रसोई गैस की कमी ने जहां आम लोगों और होटल व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं ज्वालापुर के कुम्हारों के लिए यही स्थिति राहत लेकर आई है। गैस सिलेंडरों की कमी के चलते होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट अब पारंपरिक साधनों की ओर लौट रहे हैं, जिससे मिट्टी के चूल्हों, अंगीठियों और तंदूर की मांग तेजी से बढ़ गई है।
लंबे समय से मंदी का सामना कर रहे कुम्हारों के लिए यह दौर किसी नए अवसर से कम नहीं है। बढ़ती मांग को देखते हुए कुम्हार दिन-रात मेहनत कर अलग-अलग आकार के चूल्हे और तंदूर तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो काम पहले ठप पड़ चुका था, वही अब तेजी से चल निकला है। बीते कुछ दिनों में बिक्री इतनी बढ़ी है कि उसने पिछले कई महीनों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है।
इस बदलाव का असर कोयला कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ढाबों और होटलों में अंगीठियों और तंदूरों के इस्तेमाल बढ़ने से कोयले की मांग में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय कारोबारी बताते हैं कि अब उन्हें पहले से कहीं ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं और वे लगातार सप्लाई बनाए रखने में जुटे हैं।
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि आधुनिक रसोई उपकरणों के दौर में पारंपरिक साधन लगभग भुला दिए गए थे, लेकिन गैस संकट ने एक बार फिर इन्हें प्रासंगिक बना दिया है। ज्वालापुर के कुम्हार अब ग्राहकों की जरूरत के अनुसार खास डिजाइन के तंदूर भी तैयार कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है।

होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी से जहां काम प्रभावित हो रहा था, वहीं अब मिट्टी के चूल्हों और तंदूर के उपयोग से लागत में कमी आई है। साथ ही, कोयले की आंच पर बने खाने का स्वाद भी ग्राहकों को खासा पसंद आ रहा है।

कुम्हारों के घर लौटी रौनक
कुम्हार समुदाय के लोगों के अनुसार, वर्षों से वे इस पारंपरिक व्यवसाय को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब अचानक बढ़ी मांग ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। उनके घरों में खुशहाली लौट आई है और माहौल त्योहार जैसा बन गया है।

You Might Also Like

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्लान

चारधाम यात्रा: हेली सेवा की फर्जी बुकिंग पर सख्ती, STF की बड़ी तैयारी

देहरादून में माइक्रो भूकंप अध्ययन की तैयारी

देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, एक घंटे में तय होगी दूरी

उत्तराखंड में निजी संपत्ति नुकसान पर भी होगी वसूली

TAGGED: bringing relief to potters and increasing coal consumption as hotels shift to traditional cooking methods., LPG shortage in Haridwar boosts demand for clay stoves and tandoors
Web Editor March 21, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article सीएम ने जमीनी नेताओं पर जताया भरोसा
Next Article पहाड़ों पर बर्फ से बढ़ी मुश्किलें,23 मार्च को फिर बदल सकता है मौसम
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्लान
उत्तराखंड March 27, 2026
चारधाम यात्रा: हेली सेवा की फर्जी बुकिंग पर सख्ती, STF की बड़ी तैयारी
उत्तराखंड March 27, 2026
देहरादून में माइक्रो भूकंप अध्ययन की तैयारी
उत्तराखंड March 27, 2026
देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, एक घंटे में तय होगी दूरी
उत्तराखंड March 27, 2026

Recent Posts

  • देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्लान
  • चारधाम यात्रा: हेली सेवा की फर्जी बुकिंग पर सख्ती, STF की बड़ी तैयारी
  • देहरादून में माइक्रो भूकंप अध्ययन की तैयारी
  • देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, एक घंटे में तय होगी दूरी
  • उत्तराखंड में निजी संपत्ति नुकसान पर भी होगी वसूली

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,066)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,965)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,461)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,328)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,250)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?