Dehradun–Haridwar–Rishikesh Corridor to Get Smart, Traffic-Free Transport System
देहरादून, 27 March 2027। राज्य के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर—देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश—को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस क्षेत्र में यातायात को सुगम, स्मार्ट और जाम-मुक्त बनाने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्च स्तर पर मंथन किया गया।
सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की, जिसमें कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मैसर्स यूएमटीसी द्वारा तैयार किए गए सीएमपी-2024 के अद्यतन प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें मौजूदा ट्रैफिक समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधान को विस्तार से रखा गया।
प्रस्तुतीकरण में देहरादून क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून शहर, विकासनगर और ऋषिकेश, जबकि हरिद्वार क्षेत्र में हरिद्वार शहर, रुड़की और भगवानपुर की यातायात चुनौतियों का विश्लेषण किया गया। बढ़ते वाहनों का दबाव, जाम की समस्या और सार्वजनिक परिवहन की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत और टिकाऊ परिवहन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन चर्चा की। सचिव डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि सीएमपी के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में शहरी परिवहन प्रणाली अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बन सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में तैयार होने वाली सभी परियोजनाओं में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्राथमिकता दी जाए। सरकार का लक्ष्य है कि इस कॉरिडोर में यातायात प्रबंधन को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए यात्रियों को सुरक्षित, तेज और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
यह पहल न केवल यातायात दबाव को कम करेगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।




