Uttarakhand Rail Connectivity Push: CM Dhami Meets Ashwini Vaishnaw, Seeks RRTS Extension
देहरादून, 29 March 2026 । उत्तराखण्ड में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बार फिर केंद्र के साथ तालमेल बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर कुमाऊँ से गढ़वाल तक रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक, सामरिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में यहां मजबूत रेल नेटवर्क न केवल आम लोगों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। उन्होंने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय द्वारा अब तक मिले सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आभार भी जताया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली–मेरठ के बीच संचालित क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना ने यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। इसी तर्ज पर मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक आरआरटीएस के विस्तार की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे चारधाम यात्रा और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सकेगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल कुम्भ 2027’ परियोजना का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 143.96 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता हेतु प्रस्ताव भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा गया है। इस परियोजना के माध्यम से कुम्भ मेले को तकनीकी रूप से और अधिक व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
फाइनल लोकेशन सर्वे को लेकर भी रखा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति देने की मांग भी प्रमुखता से रखी। इसके अलावा हरिद्वार–देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण, रायवाला बाई-डक ब्रिज के विकास, चारधाम रेल परियोजना के अंतर्गत डोईवाला–उत्तरकाशी और कर्णप्रयाग–पीपलकोटी खंडों के सर्वे को जल्द पूरा कर स्वीकृति देने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने मोहण्ड–देहरादून–सहारनपुर रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने की भी मांग की, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को व्यापक लाभ मिल सके।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि यदि ये परियोजनाएं गति पकड़ती हैं, तो उत्तराखण्ड में रेल कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत हो सकती है।




