Haridwar Kumbh 2027: Green Ghats and City Beautification Get Priority
हरिद्वार, 3 April 2026। आगामी कुंभ मेले को भव्य, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ‘ग्रीन घाट’ की अवधारणा को प्राथमिकता देते हुए शहर के व्यापक सौंदर्यीकरण पर विशेष बल दिया और अधिकारियों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर गंगा नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक विकसित किए जा रहे घाटों तथा बैरागी कैम्प क्षेत्र का जायजा लिया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस बार कुंभ को पर्यावरणीय दृष्टि से आदर्श आयोजन के रूप में स्थापित किया जाएगा। ‘ग्रीन घाट’ योजना के तहत घाटों के किनारों पर हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी, साथ ही फूलों और पौधों के माध्यम से क्षेत्र को आकर्षक और स्वच्छ बनाया जाएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सड़कों, पुलों और यातायात व्यवस्थाओं को कुंभ से पूर्व पूरा करने के निर्देश दिए। हरिद्वार बाईपास, फ्लाईओवर और प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण को प्राथमिकता में रखने को कहा गया, ताकि मेले के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को सुगमता से नियंत्रित किया जा सके।
जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बैरागी कैम्प में निर्माणाधीन 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक सहित सभी पेयजल योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्बाध जल उपलब्ध हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में ‘ग्रीन घाट’ और सौंदर्यीकरण की पहल न केवल धार्मिक अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि हरिद्वार को स्वच्छ और हरित धार्मिक नगरी के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित समीक्षा करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कुंभ 2027 की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण हो सकें।
बाक्स: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुविधा पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घाटों का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम स्नान की सुविधा मिल सके। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रैम्प, चेंजिंग रूम और स्वच्छ प्रसाधन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही घाटों के सौंदर्यीकरण में स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था की झलक शामिल करने पर भी विशेष बल दिया गया।




