Dhami Reaffirms Commitment to Faith & Culture, Highlights UCC in Uttarakhand
रामनगर, 3 April 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर राज्य ने पूरे देश के सामने एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में भाग लिया और धार्मिक माहौल में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए इस विरासत की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
यूसीसी के मुद्दे पर धामी ने कहा कि यह सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड ने इसे लागू कर देश को एक नई दिशा देने का काम किया है, जो भविष्य में मजबूत और समावेशी भारत की आधारशिला साबित होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे धार्मिक पुनर्जागरण कार्यों का भी उल्लेख किया। धामी ने अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में हो रहे विकास कार्यों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिससे तीर्थाटन और पर्यटन को नई गति मिल रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, महापौर गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। रामनगर पहुंचने पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शीतकालीन यात्रा के दौरान अब तक करीब 1.60 लाख श्रद्धालु विभिन्न धामों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
बजरंगबली की कृपा से ही संभव हुए दर्शन
धामी ने कहा, “हनुमान जी की इच्छा के बिना कोई भी उनके दरबार तक नहीं पहुंच सकता। पहले कई बार प्रयास किए, लेकिन इस बार उनकी कृपा से कार्यक्रम संभव हो सका।” उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा और 2027 के कुंभ मेले की सफलता के लिए आशीर्वाद भी मांगा।




