By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: पांडुकेश्वर से डिमर गांव के लिए रवाना हुआ गाडू घड़ा, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू
Share
Notification Show More
Latest News
गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
उत्तराखंड
डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
उत्तराखंड
उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
उत्तराखंड
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
उत्तराखंड
कान्हा में नौ बाघों की मौत से उत्तराखंड में अलर्ट, कार्बेट-राजाजी में बढ़ेगी सतर्कता
Uncategorized
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > पांडुकेश्वर से डिमर गांव के लिए रवाना हुआ गाडू घड़ा, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू
उत्तराखंड

पांडुकेश्वर से डिमर गांव के लिए रवाना हुआ गाडू घड़ा, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू

Web Editor
Last updated: 2026/01/21 at 8:44 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Gadu Ghada Yatra Begins | Badrinath Dham Kapat Opening Process Starts

गोपेश्वर, 21 जनवरी2026 । बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इसी क्रम में कपाट उद्घाटन से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा का प्रतीक ‘गाडू घड़ा’ यानी तेल कलश बुधवार को पांडुकेश्वर गांव से डिमर गांव के लिए रवाना किया गया। गाडू घड़े की यह यात्रा बदरीनाथ धाम के वार्षिक धार्मिक अनुष्ठानों की पहली और सशक्त कड़ी मानी जाती है। गौरतलब है कि बसंत पंचमी के पावन पर्व पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और शुभ मुहूर्त तय किए जाएंगे।
डिमरी पंचायत की ओर से आयोजित इस यात्रा की शुरुआत पांडुकेश्वर स्थित नृसिंह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। मंदिर परिसर में विधिवत अनुष्ठान के बाद तेल कलश को डोली में विराजमान कर डिमर गांव के लिए प्रस्थान कराया गया। इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीतों का गायन किया और पुष्प वर्षा कर गाडू घड़े को भावपूर्ण विदाई दी। पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आस्था से ओतप्रोत नजर आया।
जानकारी के अनुसार तेल कलश 22 जनवरी को नरेंद्र नगर पहुंचेगा। यहां 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन राजदरबार में राजपुरोहितों द्वारा पंचांग गणना के आधार पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की शुभ तिथि और मुहूर्त की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर गाडू घड़े की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है, इसलिए इसकी यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा के रूप में देखा जाता है।
कम्दी थोक पांडुकेश्वर के अध्यक्ष जगदीश पवार ने बताया कि भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने से जुड़ी सभी परंपराओं का निर्वहन श्रद्धा और शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गाडू घड़े का पहला भोग पांडुकेश्वर में पंवार खानदान के बारीदार नरेश पंवार के निवास पर लगाया गया, जहां विधिवत पूजा संपन्न कराई गई। इसके पश्चात योगध्यान बदरी में गाडू घड़े का उत्सव डोली के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शीतकाल के दौरान भगवान बदरी विशाल की पूजा पांडुकेश्वर में ही होती है। यहां कुबेर और उद्धव जी की मूर्तियों की नियमित आराधना की जाती है, जबकि ज्योतिर्मठ में केवल रावल जी की पालकी जाती है। इसी कारण पांडुकेश्वर को बदरीनाथ धाम की शीतकालीन धार्मिक राजधानी के रूप में विशेष महत्व और सम्मान प्राप्त है।
इस मौके पर सतीश डिमरी ने बताया कि ‘कंदी थोक’ द्वारा गाडू घड़े की पूजा पूरे विधि-विधान से संपन्न कराई गई। भगवान के लिए विशेष भोग तैयार कर अर्पित किया गया और उसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण के उपरांत तेल कलश की यात्रा अपने अगले पड़ाव डिमर गांव के लिए आगे बढ़ी।
इस पावन अवसर पर हेमचंद्र डिमरी, सतीश चंद्र डिमरी, सुधीर डिमरी, संदीप डिमरी, अध्यक्ष कम्दी थोक जगदीश पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

You Might Also Like

गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे

डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी

उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं

उत्तराखंड में खुली मिठाइयों पर भी लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

TAGGED: marking the start of the Badrinath Dham kapat opening process. The opening date will be decided on Basant Panchami in Narendra Nagar., The sacred Gadu Ghada (oil pot) journey begins from Pandukeshwar to Dimar village
Web Editor January 21, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article गंगा में डॉल्फिन की मदद को दौड़ने लगी एंबुलेंस
Next Article आईआईटी रुड़की ने बनाई एंटीबॉडी लाइब्रेरी, इलाज होगा तेज़ और सस्ता
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
उत्तराखंड October 22, 2026
डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
उत्तराखंड October 22, 2026
उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
उत्तराखंड October 21, 2026
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
उत्तराखंड October 19, 2026

Recent Posts

  • गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
  • डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
  • उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
  • गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
  • कान्हा में नौ बाघों की मौत से उत्तराखंड में अलर्ट, कार्बेट-राजाजी में बढ़ेगी सतर्कता

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (16,503)
  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (16,110)
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी (15,674)
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग  (15,112)
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी (14,849)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?