Uttarakhand Sensitive, UCC Was Necessary: CM Dhami After Mann Ki Baat
देहरादून, 26 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून लाइब्रेरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 130वें एपिसोड को सुनने के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य की जनता से यूसीसी लागू करने का जो संकल्प लिया गया था, उसे सरकार ने पूरा कर दिखाया है। यह निर्णय उत्तराखंड के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है और इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय मंच पर और अधिक सशक्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सीमावर्ती राज्य होने के साथ-साथ चारधाम का केंद्र भी है। सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और समानता की दृष्टि से यह प्रदेश अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना समय की आवश्यकता थी, जिसे सरकार ने साहसिक कदम उठाकर साकार किया।
उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम हर बार समाज को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। इसके माध्यम से साधारण लोगों के असाधारण कार्यों को देश और दुनिया तक पहुंचाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम को जन-आंदोलन का रूप दिया है, जिससे आम नागरिक राष्ट्र निर्माण से सीधे जुड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो उत्तराखंड में पहली बार हुए हैं। आगामी 27 जनवरी को यूसीसी लागू होने का एक वर्ष पूरा होना प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा। उन्होंने सभी से अपील की कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
इस मौके पर विधायक खजान दास, विधायक सुरेश गढ़िया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, अनिल गोयल, संजय नेगी, दायित्वधारी रजनी रावत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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राज्य में एआई को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में इनोवेशन, विज्ञान, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेज प्रगति हो रही है। एआई के बढ़ते उपयोग से भविष्य में कामकाज की रफ्तार और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाएगी। जो कार्य पहले कई दिनों में पूरे होते थे, वे अब कुछ ही घंटों में संभव हो सकेंगे। राज्य सरकार भी साइंस और आईटी से जुड़े विभागों के माध्यम से एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उत्तराखंड की संवेदनशीलता को देखते हुए यूसीसी था जरूरी : धामी
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