By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: आईआईटी रुड़की ने विकसित की एंटीबॉडी लाइब्रेरी
Share
Notification Show More
Latest News
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
उत्तराखंड
IMD का दूसरा मानसून पूर्वानुमान जारी, इस बार थम गयी Monsoon की रफ्तार 
उत्तराखंड
केदारनाथ धाम में लागू हुई नई दर्शन व्यवस्था, ‘सुगम दर्शन’ के लिए देना होगा 1100 रुपये शुल्क
उत्तराखंड
MDDA का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील
उत्तराखंड
एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की मेगा शिक्षक भर्ती में उमड़ा युवाओं का सैलाब, 5,500 अभ्यर्थी ले रहे हिस्सा
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > आईआईटी रुड़की ने विकसित की एंटीबॉडी लाइब्रेरी
उत्तराखंड

आईआईटी रुड़की ने विकसित की एंटीबॉडी लाइब्रेरी

Web Editor
Last updated: 2026/02/02 at 3:13 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

IIT Roorkee Develops Advanced Antibody Library for Faster and Affordable Treatment

 

देहरादून, 02 February 2026 । देश के अग्रणी तकनीकी संस्थान Indian Institute of Technology Roorkee ने स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक एंटीबॉडी लाइब्रेरी विकसित की है, जिससे आने वाले समय में बीमारियों की पहचान पहले से कहीं अधिक तेज़ होगी और इलाज की लागत भी कम हो सकेगी। यह पहल महामारी जैसी आपात परिस्थितियों में दवाओं और जांच तकनीकों की खोज को गति देने में अहम साबित होगी।
आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित यह लाइब्रेरी नैनोबॉडी पर आधारित है। नैनोबॉडी आकार में बेहद छोटी, लेकिन प्रभाव में अत्यंत सटीक और मजबूत होती हैं। ये शरीर में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया या कैंसर कोशिकाओं को जल्दी पहचानकर उन पर असर डालती हैं। इस लाइब्रेरी में नैनोबॉडी की बड़ी विविधता मौजूद है, जिससे किसी भी नई या पुरानी बीमारी के लिए उपयुक्त एंटीबॉडी कम समय में चुनी जा सकती है।
अब तक एंटीबॉडी खोजने की प्रक्रिया जटिल, समयसाध्य और महंगी मानी जाती थी। नई लाइब्रेरी के विकसित होने से यह प्रक्रिया सरल और किफायती बन सकेगी। इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि जांच और इलाज समय पर और कम खर्च में उपलब्ध हो पाएंगे। विशेष रूप से संक्रामक रोगों, कैंसर, स्वप्रतिरक्षी रोगों और उभरते वायरस के खिलाफ यह तकनीक प्रभावी मानी जा रही है।
संस्थान के जैवविज्ञान और जैव अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर राजेश कुमार के अनुसार, यह शोध समाज की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी स्तर पर एंटीबॉडी खोज मंच तैयार होने से भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और विदेशी तकनीकों पर निर्भरता घटेगी।
बॉक्स | स्वास्थ्य नवाचार को मिलेगा बल
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर के.के. पंत ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने इस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए आईएमजीनएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। इसके तहत एंटीबॉडी आधारित नई तकनीकों का विकास होगा, जिससे भविष्य में बेहतर, तेज़ और सस्ता इलाज संभव हो सकेगा।

You Might Also Like

एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

IMD का दूसरा मानसून पूर्वानुमान जारी, इस बार थम गयी Monsoon की रफ्तार 

केदारनाथ धाम में लागू हुई नई दर्शन व्यवस्था, ‘सुगम दर्शन’ के लिए देना होगा 1100 रुपये शुल्क

MDDA का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील

एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की मेगा शिक्षक भर्ती में उमड़ा युवाओं का सैलाब, 5,500 अभ्यर्थी ले रहे हिस्सा

TAGGED: affordable treatment, and rapid drug discovery during pandemics, IIT Roorkee has developed a next-generation antibody library that will enable faster disease detection, strengthening India’s healthcare innovation ecosystem.
Web Editor February 2, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article श्री महंत इंदिरेश अस्पताल और मिलिट्री हॉस्पिटल ने दिया कैंसर जागरूकता का संदेश
Next Article माउंटेन ट्रेल और बर्ड वॉचिंग ट्रेल से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
उत्तराखंड May 30, 2026
IMD का दूसरा मानसून पूर्वानुमान जारी, इस बार थम गयी Monsoon की रफ्तार 
उत्तराखंड May 30, 2026
केदारनाथ धाम में लागू हुई नई दर्शन व्यवस्था, ‘सुगम दर्शन’ के लिए देना होगा 1100 रुपये शुल्क
उत्तराखंड May 29, 2026
MDDA का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील
उत्तराखंड May 29, 2026

Recent Posts

  • एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
  • IMD का दूसरा मानसून पूर्वानुमान जारी, इस बार थम गयी Monsoon की रफ्तार 
  • केदारनाथ धाम में लागू हुई नई दर्शन व्यवस्था, ‘सुगम दर्शन’ के लिए देना होगा 1100 रुपये शुल्क
  • MDDA का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील
  • एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की मेगा शिक्षक भर्ती में उमड़ा युवाओं का सैलाब, 5,500 अभ्यर्थी ले रहे हिस्सा

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,220)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,082)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,584)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,481)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,352)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?