25,000 Devotees Join Guru Ram Rai Nagar Parikrama in Dehradun with Flower Shower

देहरादून,10 March 2026 । सिद्धयोगी श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर मंगलवार को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज से ऐतिहासिक नगर परिक्रमा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुवाई में निकली इस नगर परिक्रमा में लगभग 25 हजार से अधिक संगतों ने भाग लिया। शहरभर में जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत के साथ गुरु संगत का भव्य अभिनंदन किया गया।
नगर परिक्रमा सुबह 7:30 बजे श्री दरबार साहिब परिसर से प्रारंभ हुई। परिक्रमा कांवली रोड से होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बिंदाल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं को चने, मुरमुरे और गुड़ का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद संगत तिलक रोड, टैगोर विला होते हुए घंटाघर पहुंची। घंटाघर क्षेत्र में नगर परिक्रमा के पहुंचते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हजारों श्रद्धालु वहां संगत के स्वागत के लिए एकत्रित रहे और गुरु महाराज के जयकारों के साथ फूल बरसाकर संगत का स्वागत किया।
ढोल-नगाड़ों की थाप और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु गुरु भक्ति में डूबे नजर आए। “फुल बरसांदी जांवा राह तेरे फुल बरसांदी जांवा” और “मेला खुशियां दा आंदा है” जैसे भजनों पर संगत झूमती रही। नगर परिक्रमा पल्टन बाजार, लक्खीबाग पुलिस चौकी और रीठा मंडी से होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग पहुंची, जहां संगतों को गन्ने का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद संगतें समाधि स्थल श्रीमहंत साहिबान में माथा टेकने पहुंचीं। दोपहर करीब 11:45 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब पहुंचकर संपन्न हुई।
पूरे मार्ग में दूनवासियों ने जगह-जगह लंगर, जलपान और स्वागत की भव्य व्यवस्था की थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने गुरु संगत का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। नगर परिक्रमा के दौरान कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और गणमान्य लोग भी शामिल हुए।
इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। दूनवासियों का प्रेम, स्नेह और सद्भावना संगतों को भाव-विभोर कर देती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
शाम को श्री दरबार साहिब में खुशी का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद अन्य राज्यों से आई अधिकांश संगतें अपने-अपने घरों को रवाना हो गईं। पूरे आयोजन के दौरान शहर में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।




