SSB to Launch ‘Tarani’ White Water Rafting Expedition on Mahakali River from March 16
रानीखेत, 14 March 2026। सीमांत क्षेत्रों में आपदाओं के दौरान तेज बहाव वाली नदियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) महाकाली नदी में अंतर-सीमांत व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान ‘तरणी’ शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से जवानों की परिचालन क्षमता, साहस और स्विफ्ट वाटर रेस्क्यू कौशल को परखा और निखारा जाएगा।
सीमांत मुख्यालय रानीखेत की पहल पर यह अभियान 16 मार्च को पिथौरागढ़ जिले के जौलजीवी स्थित सीमा चौकी से शुरू होगा। एसएसबी की 55वीं वाहिनी पिथौरागढ़ के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में छह सीमांत वाहिनियों के कुल 36 अधिकारी और जवान भाग लेंगे। चार दिनों तक चलने वाले इस अभियान के दौरान प्रतिभागी जौलजीवी से 57वीं वाहिनी की सीमा चौकी बूम तक महाकाली नदी में लगभग 150 किलोमीटर का चुनौतीपूर्ण जलमार्ग तय करेंगे।
महाकाली नदी का यह सफर काफी जोखिमभरा माना जाता है। नदी के कई हिस्सों में तेज धाराएं, संकरे मोड़ और खतरनाक रैपिड्स मौजूद हैं। अभियान के दौरान जवानों को ‘चुका’ जैसे खतरनाक रैपिड्स से भी गुजरना होगा, जहां पानी का प्रवाह बेहद तेज रहता है। इन कठिन परिस्थितियों में जवानों के तकनीकी कौशल, साहस और टीम वर्क की कड़ी परीक्षा होगी।
एसएसबी सीमांत मुख्यालय के उप कमांडेंट अनिल जोशी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नदियों में फंसे लोगों को बचाना बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में जवानों को कठिन जल परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना आवश्यक है। ‘तरणी’ अभियान इसी उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, ताकि जवानों की क्षमता को और अधिक मजबूत किया जा सके।
यह अभियान केवल साहसिक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश भी दिया जाएगा। एसएसबी के अधिकारी और जवान नदी किनारे बसे गांवों में स्वच्छ भारत अभियान और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का संदेश देंगे। स्थानीय लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
अभियान की सफलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फिलहाल गोरी नदी के चुनौतीपूर्ण जलमार्ग पर जवानों का गहन पूर्वाभ्यास जारी है। राफ्टिंग तकनीक, तेज धाराओं में संतुलन बनाए रखने और खतरनाक मोड़ों से सुरक्षित निकलने का लगातार अभ्यास किया जा रहा है।
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार ‘तरणी’ अभियान जवानों के साहस, टीम भावना और मानवीय सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगा। साथ ही यह पहल आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एसएसबी की तैयारियों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।




