Kedarnath Heli Service: Live Tracking Devices Mandatory for Char Dham Yatra
देहरादून, 09 April 2026। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार केदारनाथ हेली सेवा में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हेलीकॉप्टरों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था खासतौर पर हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और तेजी से बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्याधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि यह ट्रैकिंग सिस्टम किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय हेलीकॉप्टर की सटीक लोकेशन तुरंत उपलब्ध कराएगा। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी और समय रहते सहायता पहुंचाना संभव हो सकेगा।
इसके साथ ही, यात्रा मार्ग पर आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत प्रमुख हेलीपैड्स पर ऑटोमेटिक वेदर ऑब्जर्विंग सिस्टम (AWOS) और सेलोमीटर लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण पायलटों को बादलों की स्थिति, ऊंचाई और दृश्यता (विजिबिलिटी) की रियल-टाइम जानकारी देंगे। इससे खराब मौसम में उड़ान से जुड़े जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
हेली सेवा की निगरानी को और सशक्त बनाने के लिए यूकाडा ने यात्रा मार्ग पर आठ प्रमुख हेलीपैडों को हाई-टेक सुरक्षा से जोड़ दिया है। इसके तहत 18 अत्याधुनिक पीटीजेड (पैन-टिल्ट-जूम) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। ये कैमरे कंट्रोल रूम को हर गतिविधि की लाइव फीड देंगे, जिससे किसी भी संदिग्ध या आपात स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
बॉक्स: बद्री-केदार में जल्द शुरू होंगे एटीसी सेंटर
चारधाम यात्रा के दौरान हवाई यातायात को और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में जल्द ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) केंद्र शुरू किए जाएंगे। फिलहाल सहस्त्रधारा और सिरसी में एटीसी सेवाएं सक्रिय हैं, लेकिन नए केंद्रों के शुरू होने से हेली सेवाओं का संचालन और अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगा।
कुल मिलाकर, इस बार चारधाम यात्रा में तकनीक और सुरक्षा के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और भरोसेमंद हेली सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।




