विश्वस्तरीय राफ्टिंग बेस स्टेशन से एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगी नई पहचान
Dehradun, 24 july 2026। योग और आध्यात्मिक नगरी के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध ऋषिकेश अब एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत आइकॉनिक सिटी ऋषिकेश परियोजना को मंजूरी देते हुए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से आधुनिक सुविधाओं से लैस राफ्टिंग बेस स्टेशन और पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना विकसित की जाएगी।
परियोजना के तहत राफ्टिंग गतिविधियों को एक व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए अत्याधुनिक बेस स्टेशन बनाया जाएगा। इसमें स्वागत केंद्र, प्रतीक्षालय, पार्किंग, चेंजिंग रूम, शौचालय, सूचना केंद्र, सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली और राफ्टिंग संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे गंगा में राफ्टिंग गतिविधियां अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल बनेंगी।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि केंद्र सरकार देश में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए होमस्टे, एडवेंचर, इको, मेडिकल एवं वेलनेस तथा एमआईसीई (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) पर्यटन को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में ‘मीट इन इंडिया’ और ‘इंडिया सेज़ आई डू’ जैसे अभियान भी शुरू किए गए हैं। वहीं, साहसिक पर्यटन को सुरक्षित बनाने के लिए मॉडल एडवेंचर टूरिज्म सेफ्टी फ्रेमवर्क लागू किया गया है।
सरकार का मानना है कि आइकॉनिक सिटी परियोजना से ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान और मजबूत होगी। साथ ही राज्य में धार्मिक, साहसिक और वेलनेस पर्यटन को भी नई गति मिलेगी, जिससे पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
परियोजना से राफ्टिंग ऑपरेटर, गाइड, होटल, होमस्टे, टैक्सी संचालक, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इन परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने उत्तराखंड की अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। कैंची धाम के विकास के लिए 17.60 करोड़ रुपये, जादुंग उत्सव मैदान के लिए 4.99 करोड़ रुपये, माणा हाट के विकास के लिए 4.99 करोड़ रुपये तथा चकराता क्लस्टर में जनजातीय होमस्टे विकसित करने के लिए 1.70 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन परियोजनाओं से राज्य में पर्यटन के नए केंद्र विकसित होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ऋषिकेश बनेगा आइकॉनिक सिटी
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